वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में सड़क हादसों में घायल मरीजों को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं और योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि यदि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति 24 घंटे के भीतर किसी निजी अस्पताल में भर्ती होता है, तो उसे एक सप्ताह तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क प्रदान किया जाएगा।
इस उपचार की पूरी धनराशि शासन द्वारा निजी अस्पताल को दी जाएगी, ताकि मरीज और उसके परिजन आर्थिक बोझ से मुक्त रहें।
उन्होंने बताया कि राहवीर योजना के तहत ऐसे नागरिकों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा जो किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को एंबुलेंस या अन्य माध्यम से अस्पताल पहुंचाते हैं। ऐसे मददगार राहवीरों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसके लिए संबंधित अस्पताल को राहगीर की जानकारी सुरक्षित रखनी होगी। दोनों योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही लाभ प्रदान किया जाएगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि सड़क हादसे देश और प्रदेश के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार देश में हर वर्ष लगभग 1.6 लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं, जबकि लगभग 4.5 लाख लोग घायल होते हैं।
उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष 20 हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें हजारों लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों की भागीदारी से घायलों को समय पर इलाज मिलेगा और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी आएगी।
बैठक में एसीएमओ डॉ. एस. पी. मिश्रा, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. धनीराम, डॉ. प्रमोद वर्मा, डॉ. अमितेश द्विवेदी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. अखिलेश खरे, डॉ. अखिलेश वर्मा और डॉ. मनोज शर्मा उपस्थित रहे।
