ताहिर मिर्ज़ा, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:
नगर परिषद चुनाव में जनशक्ति पैनल को ‘बस’ चुनाव चिन्ह मिलने के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। इससे वर्ष 2000 के वह चुनाव ताज़ा याद आ गया, जब पूर्व नगराध्यक्ष बाबा जागीरदार ने निर्दलीय पैनल खड़ा किया था। उस समय पैनल का चुनाव चिन्ह भी बस था और नगराध्यक्ष सहित सभी उम्मीदवार बड़ी जीत दर्ज करने में सफल हुए थे।
इस बार बाबा जागीरदार के बेटे साजिद जागीरदार चुनावी मैदान में हैं। वर्ष 2000 में बाबा जागीरदार को भारी बहुमत से जीत मिली थी। अब 25 साल बाद फिर से बस चुनाव चिन्ह मिलने से जनशक्ति पैनल चुनावी अखाड़े में पूरी मजबूती के साथ उतर आया है। साजिद जागीरदार इस पैनल में एक मजबूत और प्रमुख चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
