पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:
न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए डॉ. भगवत सहाय कॉलेज में प्रिंसिपल का प्रभार लेने से श्रीमती बृजबाला राय उपाध्याय को रोका जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बावजूद कॉलेज में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें प्रिंसिपल की कुर्सी पर बैठने नहीं दिया जा रहा है। इस कारण कॉलेज खुलेआम गुंडागर्दी और राजनीतिक दबाव का अड्डा बन गया है।
शासन-प्रशासन द्वारा डॉ. भगवत सहाय कॉलेज में प्रिंसिपल पद का प्रभार श्रीमती बृजबाला राय उपाध्याय को सौंपा गया था, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण मात्र चार माह बाद दूसरी प्रिंसिपल की नियुक्ति कर दी गई। इसके बाद पूर्व प्रिंसिपल ने ग्वालियर न्यायालय की शरण ली और अपना पद पुनः प्राप्त किया।
वर्तमान स्थिति यह है कि कॉलेज प्रबंधन के अध्यक्ष के संरक्षण में असामाजिक तत्व प्रिंसिपल बृजबाला राय को कार्यभार ग्रहण करने से रोक रहे हैं। यह न सिर्फ न्यायालय के आदेश की अवमानना है, बल्कि कॉलेज परिसर में भय और अराजकता का वातावरण पैदा कर रहा है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
