अविनाश द्विवेदी/शेरा मिश्रा, कटनी (मप्र), NIT;
कैमोर लाल नगर में स्थापित एसीसी का पार्किंग आर्ट जहां वाहनों से टैक्स तो भरपूर लिया जाता है किन्तु व्यवस्था के नाम पर प्रदूषण नगर को दिया जाता है। एसीसी अपने आप को टैक्स से बचाने के लिए इन दिनों कुछ एसी हरकत कर रही है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। एसीसी सीमेंट प्लांट कैमोर वाहनों के माध्यम मे यूपी टिकरीया में चल रहे मिनी प्लांट में किलींकर भेजती है कारण यह की यूपी प्लांट में किलन नहीं है। कैमोर प्लांट रेडी मिक्स मटेरियल तैयार करती है जिसे आम भाषा में किलींकर कहते हैं, एसीसी सीमेंट प्लांट कैमोर सीमेंट के अलावा किलींकर व बिजली उत्पाद करती है जबकि एसीसी सीमेंट प्लांट को सीमेंट की ही अनुमति है। एसीसी कच्चा मटेरियल को पका कर किलींकर के रूप में तैयार करती है और उस मटेरियल को खुले वाहनों पर लोड कर यूपी भेजती है। एसीसी किलींकर की जगह सीमेंट भी भेज सकती है यूपी मीनी प्लांट में किन्तु अगर सीमेंट भेजती है तो टैक्स लगता है किन्तु किलींकर में सिर्फ भाड़ा लगता है। शासकीय टैक्स की चोरी करने के इरादे से यह कारोबार किया जा रहा है। जबकि किलींकर के भेजे जाने पर टैक्स की चोरी हो रही है तो वहीं खुले वाहनों से प्रदूषित कैमोर नगर भी हो रहा है जिससे जानलेवा बीमारियां होती हैं।
जानकारी के अनुसार इसी तरह का कार्य मैहर सीमेंट प्लांट करता था जिसपर मैहर का स्थानीय प्रशासन एसडीएम ने रोक लगा दी है तथा मध्यप्रदेश शासन को अवगत कराया है। इसी तरह का कार्य कटनी जिले के अंतर्गत तहसील विजयराघवगढ़ कैमोर में एसीसी सीमेंट प्लांट द्वारा किया जा रहा है जिसपर रोक लगानी चाहिए।
