फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

उत्तर प्रदेश के हाथरस निवासी अमर पुत्र जयपाल को 16 महीने की जेल के बाद आखिरकार जमानत पर रिहाई मिल गई है। गैर इरादतन हत्या सहित गंभीर धाराओं में दर्ज इस मामले में निशा तंवर एडवोकेट और उनकी टीम के अथक प्रयासों से यह सफलता हासिल हुई। अमर के खिलाफ गुरुग्राम के बादशाहपुर थाने में आईपीसी की धारा 323, 324, 506, 308, 326 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज था। इससे पहले अमर की जमानत अर्जी जिला अदालत गुरुग्राम से तीन बार और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ से एक बार खारिज हो चुकी थी। उस समय मामले को पहले अन्य वकील देख रहे थे, लेकिन जब यह केस निशा तंवर एडवोकेट के पास आया, तब उनके नेतृत्व में उनकी टीम, जिसमें एच.एन. साहू एडवोकेट और जितेंद्र कौशिक एडवोकेट जैसे विद्वान अधिवक्ता शामिल थे, उन्होंने इसे मजबूती से लड़ा।
निशा तंवर एडवोकेट एसोसिएट्स की रणनीति और कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ ने अमर की जमानत मंजूर की। इस फैसले से अमर और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। अमर और उनका परिवार निशा तंवर एडवोकेट और उनकी टीम के पास मिठाई लेकर पहुंचे और सभी का मुंह मीठा कराया। निशा तंवर और उनकी टीम की इस उपलब्धि की भोंडसी जेल और गुरुग्राम जिला न्यायालय से लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ में खूब सराहना हो रही है।
यह मामला न केवल कानूनी दृढ़ता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सही दिशा में किए गए प्रयास असंभव को संभव बना सकते हैं।निशा तंवर एडवोकेट इसी तरह के मामलों में अपने संयम, कानूनी पकड़, उत्तम पैरवी और अपने दृढ़ निश्चय के लिए ही जानी जाती हैं। उनके मामलों में एच.एन. साहू एडवोकेट और जितेंद्र कौशिक एडवोकेट की अहम भूमिका रही है।
