वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

ब्लॉक पसगवां के ग्राम सिसौरा नासिर में टाइफाइड, वायरल फीवर और डेंगू के केस सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देशन में जिला मलेरिया अधिकारी की निगरानी में 12 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम ने 9 अक्टूबर को ग्राम का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। वेक्टर मच्छरों के नियंत्रण और रोकथाम के लिए गठित टीम द्वारा एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन, इंडोर स्प्रे, एंटी-लार्वा स्प्रे, फॉगिंग और जन-जागरूकता की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान कई घरों में फ्रिज, कूलर, गमले और अन्य बर्तनों में पानी भरा मिला, जिनमें मच्छरों के लार्वा पाए गए। कुछ स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन की स्थितियां भी पाई गईं। जिन घरों में लार्वा मिले, उन 12 गृहस्वामियों को नोटिस जारी किया गया और निर्देश दिया गया कि सप्ताह में कम से कम एक बार फ्रिज, कूलर और कंटेनरों का पानी अवश्य बदलें, ताकि मच्छरों—विशेषकर डेंगू के मच्छरों—के प्रजनन को रोका जा सके। ग्रामवासियों को ठहरे हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालने की सलाह दी गई। इसके अलावा, ग्राम के 6 तालाबों में मच्छर-लार्वाभक्षी गैम्बूसिया मछलियाँ भी छोड़ी गईं। ग्राम प्रधान चाँद मिया का सहयोग सराहनीय रहा। उन्होंने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से संपर्क कर ग्राम और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कराई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पसगवां के चिकित्सा अधीक्षक की देखरेख में एक स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें मरीजों की जांच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। कैंप में मलेरिया की जांच की गई और डेंगू के संभावित लक्षण वाले 6 व्यक्तियों के रक्त नमूने लेकर उन्हें परीक्षण हेतु एसएसएच लैब, जिला चिकित्सालय मोतीपुर ओयल, लखीमपुर खीरी भेजा गया।
डेंगू पॉजिटिव मरीज मिलने की स्थिति में उनके उपचार के लिए जिला चिकित्सालय या सीएचसी के प्रशिक्षित चिकित्सकों की देखरेख में इलाज कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामसभा सिसौरा नासिर में चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण और चिकित्सा शिविर के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पसगवां के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अश्वनी कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी हरि शंकर, सहायक मलेरिया अधिकारी दावा लामा, ग्राम प्रधान चाँद मिया और अन्य टीम सदस्य मौजूद रहे।
