अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल के एमपी नगर थाने से एक गंभीर मामला सामने आया है। अधिवक्ता दयाराम अहिरवार ने थाना प्रभारी जयहिंद शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने न केवल एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया, बल्कि गाली-गलौज कर थाने से बाहर निकालने की धमकी भी दी।

पीड़ित वकील का कहना है कि वह एक मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने एमपी नगर थाने पहुंचे थे। जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखनी चाही, तो पीछे से आए थाना प्रभारी जयहिंद शर्मा ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा, “निकल मेरे थाने से, नहीं होगी कोई रिपोर्ट। मेरा थाना है, जो मैं चाहूंगा वही होगा।”
वकील के मुताबिक, जब उन्होंने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह अधिवक्ता हैं और इस व्यवहार की शिकायत अधिवक्ता संघ में करेंगे, तो टी.आई. ने अपमानजनक लहजे में कहा, “तेरे जैसे अधिवक्ता रोज 336 आते हैं।” इतना ही नहीं, वकील का आरोप है कि थाना प्रभारी ने न्यायालय और न्यायाधीशों के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वकील ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है।
वकील का कहना है कि यह न केवल मेरे पेशे के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि एक नागरिक के अधिकारों का भी हनन है। अगर पुलिस इस तरह वकीलों के साथ व्यवहार करेगी, तो आम आदमी को न्याय कैसे मिलेगा?”वहीं इस मामले की सच्चाई जानने के लिए जब NIT संवाददाता ने थाना अध्यक्ष के सीयूजी नम्बर पर 9479990424 फ़ोन लगाया तो मोबाइल बंद आ रहा था। उस के बाद संवाददाता ने थाने के लैंड लाइन नंबर 07552443740 पर कई बार फोन किया लेकिन किसी ने फ़ोन उठाना ही गवारा नहीं किया।
