कांग्रेस ने जीएसटी पर साधा निशाना, 8 साल की वसूली का मांगा हिसाब, कहा जनता से माफी मांगे भाजपा | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

कांग्रेस ने जीएसटी पर साधा निशाना, 8 साल की वसूली का मांगा हिसाब, कहा जनता से माफी मांगे भाजपा | New India Times

भाजपा की मोदी सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है जो अपनी गलतियों पर भूल सुधार करने पर माफी मांगने की बजाय उसे जनता के लिए उपहार बताती है। उक्त बयान जारी करते हुए  मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता साबिर फिटवेल एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस महासचिव निर्मल मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 साल बाद किया गया जीएसटी रिफॉर्म नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  के प्रयासों का नतीजा है राहुल गांधी जी विगत 8 साल से जीएसटी से आम जनता और छोटे व्यापारियों को होने वाली परेशानियां लगातार उठाते रहे एवं इसके सरलीकरण की मांग करते रहे हैं।

2017 में मोदी सरकार द्वारा जल्दबाजी में लागू किए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने आठ सालों में देश की अर्थव्यवस्था उद्योग जगत और आम नागरिकों को काफी नुकसान पहुंचाया है। जीएसटी लागू होने के बाद रिफॉर्म होने तक लगभग 900 संशोधन किए जा चुके हैं जो यह दिखाता है कि मोदी सरकार द्वारा जल्दबाजी में बिना व्यापक तैयारियों के जीएसटी लागू किया गया था और अब रिफॉर्म करने से यह बात स्पष्ट हो गई है कि सरकार इसे ठीक से लागू करने में असफल रही । कांग्रेस नेताओं ने आगे कहा कि कांग्रेस द्वारा तैयार किए गए जीएसटी के मूल ढांचे में केवल दो स्लैब थे ताकि टैक्स व्यवस्था सरल और पारदर्शी हो। लेकिन भाजपा सरकार ने इसे पांच स्लैब में बांटकर अत्यधिक जटिल बना दिया जिससे आम जनता एवं छोटे व्यापारियों पर कर का बोझ कई गुना बढ़ गया था।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इसी अन्यायपूर्ण व्यवस्था को राहुल गांधी ने गब्बर सिंह टैक्स’ कहा था। भाजपा सरकार की गलत नीतियों की वजह से हजारों उद्योग चौपट हो गए, लाखों लोगों की नौकरियां खत्म हो गईं और जनता से पेनाल्टी व लेट फीस के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले गए। हाल ही में घोषित 28% स्लैब खत्म करने और कई वस्तुओं को 12% से 5% में लाने का निर्णय कांग्रेस की वर्षों से उठाई जा रही मांग का नतीजा है और राहुल गांधी  के संघर्ष का परिणाम है।

कांग्रेस नेताओं ने आगे यह भी कहा कि भाजपा को जनता से माफी मांगनी चाहिए और स्वीकार करना चाहिए कि जीएसटी लागू करते समय भाजपा सरकार से गलतियां हुईं। पिछले 8 वर्षों में वसूली गई लेट फीस व पेनल्टी का हिसाब देना चाहिए और छोटे व्यापारियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। भाजपा सरकार को समझना चाहिए कि यह केवल टैक्स का विषय नहीं है बल्कि जनता के विश्वास का प्रश्न है। कांग्रेस हमेशा सरल और पारदर्शी टैक्स व्यवस्था की पक्षधर रही है और आगे भी रहेगी।

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