मुकुंदपुर को रीवा में शामिल कराने की साजिश पर नारायण त्रिपाठी का राजेंद्र शुक्ला पर तीखा हमला | New India Times

मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

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 मुकुंदपुर व्हाइट सफारी के साथ मैहर जिले के दस गांव को रीवा में शामिल कराए जाने की राजेंद्र शुक्ला की ओछी मानसिकता पर पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने तीखा हमला बोला है। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि विंध्य की राजनीति में राजेंद्र शुक्ला का प्रादुर्भाव विंध्य के लिए अब हानिकारक साबित हो रहा है। अपने आप को विंध्य का विकास पुरुष कहलवाने की चाहत से ओतप्रोत राजेंद्र शुक्ला ये बताएं कि तमाम महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बाद भी विंध्य को दिया क्या आखिर कौन सी ऐसी सौगात है जिसके लिए राजेंद्र शुक्ला को याद किया जायेगा। फ्लाई ओवर बना ठेकेदारी कर लेने से विंध्य के लोगों का हित नहीं होता। राजेंद्र शुक्ला बताए कि विंध्य में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कौन सा उद्योग खड़ा किया या कराया जिससे लोगों को रोजगार मिल सके उनकी दशा और दिशा बदल सके।

पूरे विंध्य में जो भी सक्षम दमदार नेता रहे उन्हें खत्म करने उनका अंत करने उन्हें क्षति पहुंचाने के अलावा किया क्या?सतना जिले के प्रभारी मंत्री रहे एक काम गिना दे जिसके लिए लोग उन्हें याद करे, शहडोल के प्रभारी मंत्री रहे क्या किए,सीधी के लिए क्या किए। चाहे केदार शुक्ला रहे हो या रीति पाठक हो उनके खिलाफ खड़े रहना षडयंत्र करना और क्या किया बता दे जनता आज सवाल करती है। सतना जो हमारा द्वितीय विश्वयुद्ध के समय एयर स्ट्रिप था उसे खत्म जरूर कराया और रीवा में एयर पोर्ट बनवा लिया। इसके बाद भी वह एयरपोर्ट सिर्फ राजेंद्र शुक्ला के ही उपयोग के लिए है आजतक आम जनता को वहां से सुविधा नहीं दिला पाए। हम सभी सतना के लोग तमाम पत्राचार लड़ाई लड़े तब जाकर हमे वापस एयर स्ट्रिप मिली।

आज मैहर जिले की पहचान मुकुंदपुर को रीवा में ले जाने के लिए उसके साथ दस गांव और मैहर जिले से रीवा में ले जाने की घिनौनी रणनीति बना रहे हैं जो प्रदर्शित करता है कि इनकी नीति और नियत दोनों खराब है। जबतक सतना जिले में मुकुंदपुर था तब भी रीवा में कराने की जद्दोजहद करते रहे। श्री त्रिपाठी ने कहा कि हमारा रीवा से कोई विरोध नहीं हम तो रीवा को राजधानी बनाने की बात करते है मै रीवा के लोगों को प्रणाम करता हु कोई ये न समझे कि मैं रीवा का विरोध कर रहा हु  मैं राजेंद्र शुक्ला के नीति और नियत का विरोध करता हुं।

नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मैहर जिले की धरोहर को रीवा ले जाने का षडयंत्र रचा जा रहा है और पूरी लीडरशिप मौन है लेकिन मैं डंके की चोट में कहता हु कि ये जो षडयंत्र साजिश राजेंद्र शुक्ला के द्वारा की जा रही है पूरी नहीं होने देंगे हम इस मुद्दे में कोर्ट भी जायेंगे साथ ही जनता जनार्दन को साथ लेकर हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे और अपनी पहचान को बचाने का कार्य करेंगे। श्री त्रिपाठी ने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थों से लबरेज राजेंद्र शुक्ला ने धंधा ठेकेदारी व्यापार,रीवा की जमीनों को बाहरी व्यापारियों को बेचने का काम किया इसके अलावा किया क्या एक उपलब्धि बता दे।

राजेंद्र शुक्ला यह भूल गए कि इस विंध्य की धरती में महाराजा मार्तण्ड सिंह,गोविंद नारायण सिंह, यमुना प्रसाद शास्त्री,चंद्र प्रताप तिवारी ,शंभूनाथ शुक्ला,लाल पद्मधर सिंह, ठाकुर रणामत सिंह,अर्जुन सिंह,श्रीनिवास तिवारी जैसे महान राजनीतिज्ञों की कर्मभूमि रही है विंध्य राजनीति का गढ़ माना जाता था जिसे राजेंद्र शुक्ला जैसे लोग  छल कपट और सौदागरी की पहचान देने में तुले है।

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