कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
अस्पताल में अपने पुत्र को उपचार के लिए ले गई महिला को अकेला देख कर “आई लव यु” कहते हुए शीलभंग करने वाले आरोपी पर आरोप सिद्ध होने के बाद बुलढाणा कोर्ट ने दोषी मानते हुए 1 साल की सज़ा व 5 हज़ार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटना 10 ऑक्टबुर 2016 की है। बुलढाणा की निवासी महिला ने शहर थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया था कि वह अपने पुत्र के उपचार के लिए फिजियोथेरेपी अस्पताल में गई, जब वह बाहर खड़ी हुई थी तो उस समय आरोपी विनोद खेमराज संचेती, निवासी सराफा लाइन, बुलढाणा, महिला के पास पहुंचा और बात करते हुए पूछा कि ‘आप काय के लिए यहाँ पे आई हो’ तब महिला ने बताया कि बेटे के उपचार के लिये, तब आरोपी संचेती ने महिला को “I Love You” कहते हुए गलत उद्देश से हाथ पकड़ते हुए खिंचा तो महिला ने चींख पुकार की तो आरोपी वहाँ से फरार हो गया। इस शिकायत के आधार पर आरोपी विनोद संचेती के खिलाफ भादवि की धारा 354 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया था। इस मामले की गंभीरता से जांच करते हुए हेड कांस्टेबल लक्ष्मण जाधव ने चार्जशीट बुलढाणा कोर्ट नम्बर 2 में दाखिल की, जहां पर सुनवाई के दौरान गवाहों के ज़रूरी बयान लेने के बाद न्यायाधीश श्रीमती आर.एच.झा ने आरोपी को शीलभंग के आरोप में दोषी मानते हुए 1 साल की सज़ा व 5 हज़ार रुपए जुर्माना तथा जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह की कैद की शिक्षा सुनाई है। मामले की पैरवी सरकारी वकील हितेश रहाटे ने की जबकि पुलिस कर्मी किशोर कांबले व गजानन मानटे ने योग्य सहकार्य किया।

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Aise logo ki yahi saza milni chahiye