नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मेडिकल रोजगार तकनीक हब का विस्फोटक विकास कर चुके महाराष्ट्र जलगांव के जामनेर की एक स्कूल सरकार को शर्मिंदा कर रही है। अंजुमन स्कूल में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को बरसों से कूपनालिक का क्षारयुक्त फीका पानी पिलाया जा रहा है। अभिभावक और समाजवादी पार्टी के प्रमुख रऊफ शेख ने शिक्षा विभाग को लिखे पत्र में स्कूल प्रशासन के ऊपर अव्यवस्था के आरोप लगाए हैं। शेख लिखते हैं अंजुमन में बरसों से बच्चों की हेल्थ जांच नहीं हो रही है। 300 फिट गहरे बोरिंग का बेहद फीका और क्षार युक्त पानी छात्रों को दिया जाता है। स्कूल के भीतर पानी फिल्टर करने की कोई मशीन नहीं है।
क्षार युक्त पानी पी कर बच्चे पथरी की बिमारी का शिकार हो रहे हैं। इस पानी की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करें , वॉटर फिल्टर की व्यवस्था की जाए जैसे मांगे समाजवादी के रऊफ शेख ने की है। बताया तो यह भी जा रहा है कि नगर परिषद ने पास के बिस्मिल्ला नगर तक पीने के पानी की पाइप लाइन बिछा दी है। इसी लाइन से अंजुमन को पाइप से जोड़ना है जिससे छात्रों को पीने के लिए साफ सुथरा और मीठा पानी मिलेगा। विदित हो कि इस शिक्षा संस्था के कामकाज को लेकर प्रशासन को आए दिन कुछ न कुछ शिकायते मिलती रहती है।
मेडिकल ऑफिसर बने डॉ हर्षल चांदा : उपजिला अस्पताल के प्रमुख डॉ विनय सोनवने के तबादले के बाद डॉ हर्षल चांदा को मेडिकल ऑफिसर बनाया गया है। 50 बेड वाले इस अस्पताल को बीते दो साल से महिला विशेषज्ञ डॉक्टर की सख़्त आवश्यकता है। गरीब जनता मंत्री गिरीश महाजन से लगातार यह अपील कर रही है कि जल्द से जल्द डॉक्टर की तैनाती कर दी जाए।

