त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सागर जिले के देवरी विधान सभा अंतर्गत केसली जनपद की ग्राम पंचायत नवलपुर में एकीकृत शास माध्यमिक शाला तो है लेकिन सुरक्षा के लिए बॉउंड्रीवाल का निर्माण कार्य सालों से नहीं हुआ है ,इसके चलते शाला परिसर में बॉउंड्रीवाल न होने से ग्रामीणों द्वारा मवेसी के छोड़ने के साथ ही कचरा डाल रहे हैं ।
शाला परिसर में बाउंड्री न होने के कारण आवारा जानवर विचरण करते रहते हैं। जिसके कारण पड़ने वाले छात्रों व शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल की बाउंड्री न होने के कारण असामाजिक तत्व शाला परिसर में बैठ कर शराब पीते हैं और शराब की बोतलों को वहीं पर फेंक जाते हैं और गंदगी करके चले जाते हैं । एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला नवलपुर में पदस्थ दीनदयाल नामदेव प्रधान अध्यापक,शिक्षक राममिलन चढ़ार ने बताया कि हम लोग प्रतिदिन आते हैं और यहां पर 10 से 15 शराब की हाफ क्वार्टर यहाँ डले मिलते हैं चूंकि यहाँ पानी की व्यवस्था है चारो तरफ से खुली बाउंड्री है लोग आते हैं और पानी मिलता है और यही बैठ कर शराब पीते हैं । और कभी-कभी दिन में हम लोगों को भी परेशान करते हैं । जब से बिल्डिंग बनी है हम लोग बाउंड्री वॉल की मांग कर रहे हैं ।
बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए जिला अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक दिया लिखित आवेदन
बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए कलेक्टर से लेकर
मुख्यकार्यपालन अधिकारी सागर
जिला परियोजना अधिकारी, जिला शिक्षा केन्द्र सागर
क्षेत्रीय वर्तमान विधायक ,
संकुल केन्द्र प्राचार्य / जनशिक्षा केन्द्र प्रभारी शासकउमावि केसली ,सरपंच ग्राम पंचायत नवलपुर
एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला नवलपुर में बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए दिया लिखित आवेदन ।
एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला नवलपुर में शाला परिसर में बाउंड्रीवाल न होने के कारण चारों तरफ से रास्ते होने के कारण कभी भी विद्यार्थियों के साथ अप्रिय घटना घट सकती । बार-बार बाउंड्रीवाल की मांग करने के बावजूद निर्माण नहीं हो रहा है। आये दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही है । खुला परिसर होने के कारण शासकीय परिसंपत्तियों का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को लिखित आवेदन दिया जा चुका है।
एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला नवलपुर में शिक्षकों ने शासन प्रशासन से मांग है कि खुला परिसर होने के कारण शासकीय परिसंपत्तियों का नुकसान हो रहा है । जिस की बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य करवाया जाए और शरारती तत्व पैदा ना हो सके ।
