जाट समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नेतृत्व में हजारों लोगों ने देखी जाट मूवी | New India Times

आलम वारसी, ब्यूरो चीफ, मुरादाबाद (यूपी), NIT:

जाट समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नेतृत्व में हजारों लोगों ने देखी जाट मूवी | New India Times

सनी देओल की फिल्म ‘जाट’ आखिरकार बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म के साथ सनी देओल अपने एक्शन अवतार में धमाकेदार वापसी कर रहे हैं। उनकी दमदार डायलॉगबाजी और ढाई किलो के हाथ का थप्पड़ दर्शकों को 90 के दशक की उनकी फिल्मों की याद दिला रहा है। फिल्म में कई जगह ‘घायल’, ‘घातक’ और ‘गदर’ की झलक देखने को मिलती है। वहीं सनी देओल जाट की भूमिका में नज़र आये जो लोगों को बेहद पसंद आई तो वहीं मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित वेब सिनेमा हॉल में सनी देओल की रिलीज़ हुई मूवी जाट देखने के लिए बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग पहुंच रहे हैं। वहीं भारतवर्षीय जाट महासभा ने गुरुवार को वेब सिनेमा हॉल के सभी थियेटर बुक करके करीब 15 सौ से अधिक जाट समाज के लोगों को निःशुल्क मूवी दिखाई है। इस बीच सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को भी तैनात किया गया है। सभी दर्शकों की थिएटर में एंट्री कराई। इस मौके पर जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी को जाट महासभा के लोग अपने कंधे पर उठाकर थिएटर में ले जाते हुए नज़र आए। सभी लोगों ने जाट समाज ज़िंदाबाद के जमकर नारे भी लगाए। जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि ये समाज के लिए गौरव की बात है क्योंकि इस फ़िल्म में जाट समाज के साहस पराक्रम को दर्शाया गया है। देश का पूरा जाट समाज उस डायरेक्टर और उन सभी कलाकारों व खास कर सनी देओल का धन्यवाद करता है जिन्होंने ये फ़िल्म बनाई है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हमने जाट समाज में जन्म लिया है। आज जाट मूवी रिलीज हुई है इसके लिए भारत वर्षीय जाट महासभा ने ऑडी वन ऑडी टू ऑडी थ्री तीन स्क्रीन है तीनों बुक कर ली गई है और तीनों पर जाट समाज के लोग फ्री मूवी देख रहे हैं। इसमें करीब एक हज़ार से ऊपर सीटे हैं जो की सभी हाउसफुल जा रही है। इसके साथ ही हमारे सैकड़ों साथी अभी मूवी देखने से रह गए हैं उनके लिए दो-तीन दिन लगातार व्यवस्था कराई जाएगी। फिल्म में दर्शाए गए दृश्यों के बारे में जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पूरी मूवी ही समाज को प्रेरणा देने वाली है। इस मूवी के अंदर हमने देखा कुछ सामाजिक तत्वों द्वारा जो सीधे साधे शरीफ लोग हैं गांव के रहने वाले हैं उन्हें जीने नहीं दिया जा रहा है, उनको इंसाफ नहीं मिल रहा है, उनकी जमीन हड़पी जा रही है। जो साहूकार लोग हैं वह ग्रामीणों की जमीन अपने नाम कर रहे हैं। इसमें यह जो सनी पाजी है उनकी जो भूमिका वह ग्रामीणों की जमीन वापस करने की है और ग्रामीणों को सुखमय जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article