शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
एन.एम.ओ.पी.एस./अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के आह्वान पर पूरे प्रदेश में यू.पी.एस. के विरोध में सभी शिक्षक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपने कार्यस्थल पर कार्य किया और अटेवा गोरखपुर के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दूबे की अगुवाई में गोरखपुर विश्वविद्यालय पंत पार्क पर समस्त विभागों के कर्मचारी व शिक्षक इकट्ठा हुए और इसके बाद जिलाधिकारी को यू.पी.एस. के विरोध में ज्ञापन दिया।
जिला अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन मा. प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की अपील की। इस अवसर पर अटेवा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दूबे, महामंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि नई पेंशन योजना के कारण कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करना लाखों कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में होगा।
जिला उपाध्यक्ष राजकुमार व संतोष पाठक ने कहा की पुरानी पेंशन शिक्षक कर्मचारियों के लिए जीवन मरण का प्रश्न है इसके लिए हम अटेवा के साथ मजबूती से खड़े हैं। जिला कोषाध्यक्ष विरेन्द्र प्रसाद व अर्जुन गुप्ता ने कहा शिक्षक इस देश का निर्माण कर्ता है, इस समय NPS व UPS को लेकर मानसिक पीड़ा के दौर से गुजर रहा है, इसलिए उनके लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को तत्काल बहाल किया जाना चाहिए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक सिंह, रमेश कुमार भारती ने कहा की निजीकरण ने निम्न और मध्य वर्ग का भविष्य चौपट कर दिया है सरकार इसे तुरंत रोके।
याद कीजिए वह कोरोना का वीभत्स दौर जब कोई अपना भी सेवा नहीं कर पा रहा था तब यही स्वास्थ्य कर्मचारियों व नर्सेज डॉक्टर सफाई कर्मी ही थे जिन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए सभी की सेवा की, उन सभी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अटेवा अध्यक्ष के सुनील कुमार दूबे, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के रूपेश श्रीवास्तव, पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष रमेश कुमार भारती, दिक्षा छात्र संघ, स्वास्थ्य विभाग से संतोष पाठक, निशिता चौधरी, लेखपाल संघ से जगदीश प्रसाद, पीडब्लूडी से वृजेश श्रीवास्तव, जल निगम से अमृत पाल सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, राजकुमार, शमसुद्दोहा, अशोक सिंह, राम मिलन पासवान, परमेश्वर पासी धर्मेन्द्र कुमार गगहा ब्लाक अध्यक्ष, अरुण कुमार कनौजिया, राम कुमार राव, वीरेन्द्र प्रसाद, शिव प्रसाद शर्मा, अर्जुन गुप्ता, मनोज शर्मा, सुनील शर्मा, वरुण दूबे रमेश कुमार भारती, रुपेश कुमार श्रीवास्तव, अखंड प्रताप सिंह, पिन्टू कुमार, विनोद कुमार, बलराम पासवान, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, यादवेन्द्र यादव, मेवा लाल मौर्य, दुर्गाविजय सिंह, अजय कुमार भास्कर, अवधेश कुमार, राम प्रसाद, प्रमोद कुमार, राकेशकुमार, लालमन यादव, तुलीका त्रिपाठी, रीता त्रिपाठी, सीमा राय, पूनम रानी ज्योति ठाकुर, उर्मिला मोर्या, अनुराधा सोनकर, सुनीता भारती, प्रियंका भारती रुबी, रेनू, सुरभी चौरसिया, अनुराधा एवं बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और अटेवा के पदाधिकारी मौजूद रहे।

