मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

दिनांक 20/03/2024 को सुबह 6.00 बजे साग फाटा में घटित महत्वपूर्ण बहुचर्चित एवं चिन्हित प्रकरण में एक पत्नि के हत्यारे पति आरोपी राजेश पिता सुखलाल को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 अर्थदण्ड से दंडित किया गया। सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील कुरील द्वारा अभियोजित महत्वपूर्ण बहुचर्चित एवं चिन्हित प्रकरण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला बुरहानपुर द्वारा आरोपी राजेश पिता सुखलाल को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000/- अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील कुरील ने बताया कि, फरियादी टेमरिया पिता मुसला निवासी ग्राम सराय गठी थाना पिपलोद जिला खंडवा द्वारा बताया गया कि मेरे साले के लड़के सुखलाल पिता गौरेलाल निवासी महु फाटा ने मोबाईल फोन पर बताया कि मेरा लड़का राजेश और बहू संगीता कल से तुम्हारे घर मेहमान जाने का बोलकर गए हैं। क्या तुम्हारे घर पहुंचे की नहीं ? तो उन्हों ने कहा की वह उसके घर नहीं आए हैं। तब सुखलाल ने कहा की मैं उनको ढुंढते तुम्हारे गांव तरफ आ रहा हूं।
तुम भी उधर से ढुंढते हए आओ। तब मैं अपनी मोटर साईकल से राजेश संगीता को ढुढते हुए बोरगांव तरफ गए । बोरगांव में मुझे सुखलाल मिला। हम दोनों बोरगांव में बस स्टैंड पर खड़े बातचीत कर ही रहे थे की थोड़ी देर में सुबह करीबन 8.00 बजे राजेश अपनी मोटर साइकल से अकेला सागफाटे तरफ आते दिखा। तब हम दोनों ने राजेश को रोका ओर पुछा की मेरी लड़की संगीता कहां है तो वह बोला की मैंने संगीता को साग फाटा के जंगल में मास्टर के खेत में पत्थर से मारकर फेंक दिया है।
मैं भाग आया हूं तब हम दोनों ने राजेश को पकड़ कर सागफाटा लेकर आये जो मास्टर के खेत में संगीता की लाश खुन से सनी हालतमें देखी है। राजेश ने उसकी पत्नि संगीता बाई को सिर में, मुंह पर मारकर हत्या कर दी है। थाना नेपानगर विवेचक ज्ञानु जायसवाल द्वारा प्रकरण जीरो पर कायमी कर फरियादी टेमरिया की रिपोर्ट पर से थाना नेपानगर पर असल अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र मान. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक जिला बुरहानपुर द्वारा उक्त प्रकरण को चिन्हित प्रकरणों की सूची में रखा गया था। प्रकरण में शासन की ओर से सफलतापूर्वक पैरवी सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील कुरील द्वारा की गई जिसके पश्चात मान. न्यायालय द्वारा आरोपी राजेश पिता सुखलाल को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000/- अर्थदण्ड दंडित किया गया।

