नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

फ़सल बीमा योजना अधीन 2024-25 के बीमा धारक किसानों को अपनी फ़सल के लिए जो बीमा मिला है उसका लाभ तकनीकी कारणों से बंद हो गया था केंद्र सरकार की मध्यस्थता के बाद राज्य सरकार ने इस मामले को सुलझा लिया है। मंत्री रक्षा खडसे ने राज्य सरकार को सूचना की जिसके बाद 3 से 13 मार्च के दौरान सभी राष्ट्रीय मान्यताप्राप्त बैंकों में एक खिड़की शुरू की गई है। यहां बैंक प्रशासन चालान के ज़रिए किसानों का भुगतान जारी करेगा। जिस किसानों ने फ़सल का बीमा उतारा है उसके खाते से किश्त का पैसा कटा है लेकिन बीमा कंपनी के पोर्टल पर पैसा जमा नहीं हो पाया है उन किसानों को उक्त तरीके से लाभ मिलने वाला है।

कब तक खुले में जलेगा कचरा: नानासो धर्माधिकारी प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित सफाई अभियान के बाद महाराष्ट्र के शहरों की सड़के आज के दिन खबरों में चमक रही है। मंत्री गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर में धर्माधिकारी प्रतिष्ठान की ओर से 10 टन कचरा जमा किए जाने का दावा किया गया। सारा कचरा उसी डंपिंग ग्राउंड पर भेजा गया जहां सालों से उसे खुले में जलाया जा रहा है। डेढ़ करोड़ रुपए के कचरा प्रोसेसिंग यूनिट की मशीनें कबाड़ बन चुकी है। 14 करोड़ रुपए से बने बस पोर्ट पर निजी सहयोग से निर्मित एक प्याऊ (पाणपोई) सरकार से शुरू नहीं हो पा रही है। महाराष्ट्र में ऐसे अनेकों निर्वाचन क्षेत्र है जो दशकों बाद भी छोटी छोटी जरूरतों से कोसों दूर खड़े हैं।

