रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के मेघनगर में स्थित प्रगति संस्था में 1 मार्च शनिवार को आदिवासी समाज सुधार संगठन द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का उद्देश्य समाज में व्याप्त 3 डी – डी जे, दारू और दहेज जैसी कुरीतियों पर जागरूकता फैलाने के लिए बैठक की गई बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से 2 सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने समाज में बदलाव लाने की दिशा में विचार साझा किए गए।

बैठक के मुख्य प्रवक्ता आदिवासी समाज सुधार संगठन के संरक्षक श्यामा ताहेड ने संबोधित करते हुए कहा आदिवासी बहुल क्षेत्र में होने वाले दुष्परिणामों पर चिंता करते हुए इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिए जनभागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर समाज में वास्तविक बदलाव लाना है, तो हमें इन परंपराओं और कुरीतियों के खिलाफ मिलकर काम करना होगा। इस मौके पर झाबुआ धर्मप्रांत के धर्मगुरु बिशप पीटर खराड़ी, बिशप पॉल मुनिया, मेहताप डामोर, दिलीप मेडा और प्रताप ताहेड, ने भी अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने 3 डी पर कड़ी चेतावनी दी और समाज में सुधार के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन फादर जामु कटारा, फादर प्रकाश डामोर, और श्री मोहन डामोर ने किया। इसके अलावा चेनसिंह डामोर, रामचन्द्र गणावा, मानसिंह अमलियार, मिठू कतिजा, पंकज डोडियार और अरुण ओहारी की अहम भूमिका रही। बैठक के समापन पर, सभी ने सर्वसम्मति से समाज में व्याप्त बुराइयों जैसे डी जे, दहेज और दारू पर रोक लगाने का संकल्प लिया। इस पहल को लेकर समाज में एक नई जागरूकता उत्पन्न होने की उम्मीद जताई गई।

