नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जलगांव जिले के धरणगांव बार एसोसिएशन के सदस्य राहुल पारेख के ऊपर कुछ गुंडों ने हमला कर दिया। इसके विरोध में जलगांव जिले के कोर्ट्स में वकीलों की ओर से समय सहूलियत के अनुसार काम बंद आंदोलन चलाया जा रहा है। वकील संघ ने जामनेर कोर्ट के कामकाज से किनारा किया। वकीलों का कोर्ट कामकाज में हिस्सा नहीं लेने से तारीख पे तारीख सिस्टम में एक तारीख और जुड़कर सुनवाई आगे बढ़ जाती है। जनवरी 2025 में औरंगाबाद (छत्रपति संभाजी नगर) के सातारा पुलिस स्टेशन के दारोगा संग्राम ताठे द्वारा एड० सिद्धार्थ बनसोडे और एड० किशोर वैष्णव के साथ बदसलूकी और गैर कानूनी तरीके से फौजदारी दायर करने के प्रकरण की निंदा करने के लिए वकीलों की ओर से कामबंद आंदोलन पुकारा गया था।
इंद्रजीत सावंत को धमकी:
बीते दस साल में महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था बर्बाद कर दी गई है।शिव-इतिहास ज्ञाता इंद्रजीत सावंत को किसी बहुत प्राचीन दकियानूसी सोच के व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के कथित संरक्षण का सहारा लेकर धमकी दी इतना हि नहीं शिवाजी महाराज के विषय में अपमानजनक शब्दो का प्रयोग किया। इस प्रकरण के बाद राज्य में इंद्रजीत सावंत के समर्थन मे सरकार विरोधी आंदोलन शुरू हो चुके है। सामाजिक वैचारिक स्तर पर पुरोगामी बनाम प्रतिगामी संघर्ष चरणबद्ध तरीके से उत्क्रांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश में राइट विंग ने इस प्रकार का माहौल पैदा कर रखा है जो पूंजीवाद की रक्षा कर रहा है इसी पूंजीवाद ने समाज मे आर्थिक असमानता की ऐसी दीवार खड़ी कर दी है जो आम जनता को नज़र तो नही आ रही लेकिन महसूस जरूर होने लगी है।

