मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश शासन मदरसा बोर्ड भोपाल पंजीकृत मदरसा मोहम्मदिया में पहली बार बने एक साथ 06 बालक हाफिज ऐ कुरआन। हाफिजों के सम्मान में दस्तारबंदी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मौलाना अब्दुल करीम मदनी दिल्ली ,मौलाना अब्दुर्रहीम मुहम्मदी औरंगाबाद (महाराष्ट्र)
मौलाना अब्दुल कहार सल्फी सिवनी ने सभी हाफ़िज़ों को साफा पहनकर प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए सम्मानित किया। इस अवसर पर शानदार तकरीर का आयोजन हुआ। जिसमें मौलाना अब्दुल रहीम ने समाज सुधार के लिए बच्चों की तरबीयत पर अपने विचार वक्त किए। मौलाना अब्दुल कहार सल्फी ने अपनी तकरीर में कहा कि हम खुद पाक़ीज़ा बने और दूसरों को भी पाकीजा बनाएं। आगे उन्होंने कहा कि पाकीजा का अर्थ पवित्रता है, हमें अपने शरीर, मन, और आस्था में पवित्रता को सर्वोपरि रखना है। तभी हम परलोक में भी सफल हो सकेंगे।
प्रोग्राम के दौरान मुख्य वक्ता मौलाना अब्दुल करीम मदनी दिल्ली ने कहा कि मदरसे इस्लाम के किले हैं इसकी हिफाजत करना हर मुसलमान पर जरूरी है। मुसलमानों को चाहिए कि मदरसों की तरक्की के लिए एक दूसरे का सहयोग करें। कार्यक्रम के दौरान मदरसा अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद आबिद असरी ने मदरसा मोहम्मदिया के इतिहास पर प्रकाश डला। कार्यक्रम का मंच संचालन हाफिज अबु हमजा ने किया। इस अवसर पर नगर सहित क्षेत्र के सैकड़ो गणमान्य नगरिक मदरसे के समस्त स्टाफ मुकामी और जिला जमीयत के समस्त जिम्मेदार हजरात उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में हाफिज बनाने वाले उस्ताद कारी इमरान जुल्फी, हाफिज फारूक, हाफिज साजिद को उनकी सेवाओं के लिए मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

