शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, झोपड़ी में आग लगने से 3 जिंदा जले, दादा सहित 2 पोतियों की मौत | New India Times

पवन परूथी, ब्यूरो चीफ, शिवपुरी (मप्र), NIT:

शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, झोपड़ी में आग लगने से 3 जिंदा जले, दादा सहित 2 पोतियों की मौत | New India Times

मध्यप्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव सहारा ले रहे हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही और यह अलाप की आग लोगों के मौत का कारण बन रही है अभी हाल ही में ग्वालियर में एक ऐसी घटना हुई थी जिसमें खटिया के नीचे रखी आग के कारण एक वृद्ध महिला की मौत हो गई थी। अब ऐसी ही एक और घटना शिवपुरी से सामने आ रही है जहां बैराड़ में सर्दी से बचने के लिए आग जलाकर सोना  महंगा पड़ गया। यहां रात को ठंड से बचने के लिए लोग आग जलाकर सोए थे, लेकिन अनहोनी घट गई। जलने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतक बंजारा समुदाय के हैं।

बैराड़ में बीती रात सोते समय तीन लोग जिंदा जल गए। रात को सर्दी के चलते तीनों अलाव जलाकर सोये थे। अलाव से आग झोपड़ी में फैल गई और झोंपड़ी में सो रहे लोगों को पता तक नहीं चला। जब आग ने विकराल रूप ले लिया तो इसमें सो रहे तीनों लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आपको बता दें कि जब गहरी नींद में होते हैं तब आग लगने का एहसास देर से होता है और जब तक आग फैल चुकी होती है और आपको पता चलता है बहुत देर हो जाती है। सर्दी के समय अलाव जलाकर सोते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

यदि संभव हो तो सोने से पहले अलाव बंद कर देना चाहिए। यदि अलाव जलाना भी हो तो सोने वाली जगह से अलाव की दूरी पर्याप्त होनी चाहिए। और अलाव के आसपास ऐसा कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं होना चाहिए जो आग पकड़ सके। सर्दी का समय आ गया। अलाव को बंद कमरे में जलाने से दो तरह की घटनाएं अमूमन सामने आती हैं। एक तो आग लगने के कारण दुर्घटना होती है और दूसरा कई ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जब आग जलने के कारण कमरे की ऑक्सीजन खत्म हो जाती है। और वहां सो रहे लोगों की दम घुटने से मौत हो जाती है। ऐसी घटनाओं को देखते हुए विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि सर्दी से बचने के लिए अलाव का उपयोग बंद कमरे में ना करें और सोते समय अलाव को पर्याप्त दूरी पर रखें।

By nit