मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

शाही जामा मस्जिद बुरहानपुर के पेश इमाम हज़रत सैयद इकराम अल्लाह बुखारी, शाही जामा मस्जिद बुरहानपुर के मुतवल्ली एवं युवा धार्मिक विद्वान हज़रत सैयद अनवार अल्लाह बुखारी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारी ग़ण द्वारा समय-समय पर इस्लाहे मआशरा (सामाजिक सुधार) की मुहिम चलाकर इस्लामी शरियत अनुसार सादगी से निकाह और शादी करने की ताकीद की जाती है। इस्लामी धार्मिक विद्वानों के उपदेशों पर अमल करके जब कोई तालीम याफ़्ता और बुद्धिजीवी वर्ग कोई काम करते हैं तो वह इतिहास बन जाता है। ऐसा ही एक मामला प्रेस क्लब बुरहानपुर के फाऊंडर मेंबर, स्थानीय क़ादरिया स्कूल और नेहरू मोंटेसरी स्कूल के पूर्व शिक्षक डॉक्टर शकील शेख़ के परिवार में सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉक्टर शकील शेख अपने पोते और डॉक्टर आफताब शेख के इंजीनियर बेटे फैसल शेख के रिश्ते के लिए नागपुर गए हुए थे। रिश्ता तय होने के बाद डॉक्टर शकील शेख और उनके परिवार के सदस्य नागपुर में रुके हुए थे कि इस दरमियान लड़की पक्ष के परिवार वालों से कुछ इस तरह की आपसी बातचीत हुई कि उन्होंने डॉक्टर शकील शेख की बातों से प्रभावित होकर उसी दिन इंजीनियर फैसल शेख का निकाह करने को राज़ी हो गए और मंगनी निकाह में तब्दील हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार लड़की वालों ने अभी लड़की की बिदाई नहीं दी है और लड़के वाले भी अपना वलीमा आदि बाद में संपन्न करेंगे। शादी से हुए इस निकाह की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है।
