अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

एकविरादेवी माध्यमिक विद्यालय, देवपूर में दामिनी पथक ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी पीएसआई कल्याणी पाटील और मुक्ता आदिवासी महिला बहूउद्देशीय संस्था की अध्यक्ष मोनिका शिंपी ने बच्चों को सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए।
कार्यक्रम के दौरान दामिनी थाना प्रभारी आधिकारी कल्याणी पाटील ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही, उन्हें अनजान लोगों से सावधान रहने, स्व-संरक्षण के तरीके अपनाने और स्कूल और घर के बीच सुरक्षित यात्रा करने के बारे में भी जागरूक किया गया।
बच्चों को बताया गया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के बारे में उन्हें शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए और वे अपने शिक्षकों, माता-पिता या हेल्पलाइन नंबर 112 और 1098 पर संपर्क कर सकते हैं।
पीएसआई पाटील ने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों की भी बनी जिम्मेदारी बनती है। इस कार्यक्रम में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। बच्चों को सुरक्षित रखने में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका अहम होती है। उन्हें बच्चों को सुरक्षा के बारे में सिखाने और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाना था। दामिनी पथक का मानना है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सुरक्षा के बारे में सिखाना बहुत जरूरी है। इस मौके पर पाटील हेड कांस्टेबल पाटील, शिंदे, महिला पुलिस सय्यद, मोनाली पगारे, कुलकर्णी मौजुद थे।
