6 हज़ार पेड़ों की कटाई कर बन रहा है चिखली-मेहकर मार्ग, 40 किमी के इस मार्ग का काम हुआ आरंभ | New India Times

कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT; ​6 हज़ार पेड़ों की कटाई कर बन रहा है चिखली-मेहकर मार्ग, 40 किमी के इस मार्ग का काम हुआ आरंभ | New India Timesसुशोभिकरण के लिये मार्गो के अतराफ वृक्ष लगाए जाते हैं, जिन्हें बडा करने के लिये लाख जतन के साथ ही शासन लाखों रूपए खर्च करता है लेकिन मार्ग को चौडा करते समय इन्हीं पेडों को शहीद कर दिया जाता है। फिल्हाल कुछ ऐसा ही नजारा चिखली-मेहकर मार्ग पर देखने को मिल रहा है।

राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण(NHA) द्वारा राज्य भर में अनेक मार्गो की चौडाईकरण का काम आरंभ किया गया है, जिनमें से बुलढाणा जिले के चिखली-मेहकर मार्ग का भी समावेश है। यह मार्ग करीब  40 किलोमिटर का है जो मेहकर से चिखली से बाहर 4 कि.मी. की दुरीपर स्थित मेहकर फाटा तक ह, जिसका काम पिछले कुछ दिनों से आरंभ हुआ है।  इस मार्ग पर तकरीबन 6 हजार से भी अधिक बडे बडे पेड मौजुद है जिनमें अधिक रूपसे बड, निम, आम, बबुल,गुलमोहर, निलगिरी, शिशम आदी का समावेश है. 250 करोड की लागत से यह काम होने जा रहा है. मार्ग की चौडाईकरण में बाधा बननेवाले पेडो की कटाई तथा पेडो की किमत का वेल्युएशन निकालने के लिये एनएचए ने वन विभाग को पत्र दिया था. यह मार्ग वन विभाग की बुलढाणा और मेहकर वनपरिक्षेत्र में होने के कारण दोनो कार्यालय ने पेडो का वेल्युएशन एनएचए को सौप दिया है. बुलढाणा रेंज अंतर्गत के करीब 14 कि.मी. में 2 हजार 7 सौ पेड तथा मेहकर रेंज अंतर्गत के 26 कि.मी. में 3 हजार 5 सौ ऐसे कुल 6 हजार 200 के करीब पेड है जिन्हे काटा जा रहा है. वनविभाग ने  इन पेडो का वेल्युएशन 1 करोड से अधिक का दिया है. बता दे की चिखली-मेहकर का नया बन रहा मार्ग सिमेंट काँक्रेट का होगा जिसकी चौडाई 10 मीटर की रहेगी।​6 हज़ार पेड़ों की कटाई कर बन रहा है चिखली-मेहकर मार्ग, 40 किमी के इस मार्ग का काम हुआ आरंभ | New India Times

पेड कटाई का ठेका कितने में दिया?

चिखली-मेहकर इस मार्ग पर बड़े-बड़े और काफी जुने पेढ है.केवल 40 किलो मिटर में 6 हज़ार से भी अधिक पेढ होना ये दर्शाता है कि इन पेड़ों को बड़ा करने के लिए काफी खर्च शासन द्वारा किया गया होगा.वन विभाग ने इन पेड़ों का मूल्यांकन 1 करोड़ से अधिक का बताया है. सूत्रों से पता चला है कि इस मार्ग के पढ़ो की कटाई का ठेका 2 भागों में विभाजित कर के दिया गया है जिसमे से 14 किलो मिटर का बुलढाणा वाले ने लिया है जबकि शेष 26 किलो मिटर का ठेका ज़िले के एक बड़े नेता ने लिये होने की खबर है.फिलहाल इस बात का खुलासा नही हो पाया कि असल में 1 करोड़ मूल्यांकन के इन पेड़ो की नीलामी कितने में हुई है??

उपविभाग कार्यालय है वाशिम में

राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण यानी एनएचए के अंतर्गत बुलढाणा, अकोला एवं वाशिम में कई मार्गो के नए सिरे से काम आरंभ हो रहे हेै. काम के नियंत्रण के लिये एनएचए ने अपना विभागीय कार्यालय अकोला में बनाया है जबकी वाशिम व खामगाव में उपविभाग बनाए गए है. मेहकर-चिखली इस नए बननेवाले मार्ग को वाशिम उपविभाग से जोडा गया है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article