नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

हमारी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए नारी शक्ति बंधन कानून बनाया है, मैं राज्यों को कह देता हूं कि महिला विरोधी अपराधी और उसे मदद करने वाले बचने नहीं चाहिए। जलगांव में आयोजित लखपती दीदी सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य सरकार को यह चेतावनी दी है। भाजपा शासित राज्यों को महिला सुरक्षा के विषय में केंद्र द्वारा सहयोग का आश्वासन देकर प्रधानमंत्री ने भाषण का रुख आर्थिक सक्षमता की ओर मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता में एक पूरा चैप्टर महिला बाल सुरक्षा संबंधी है। महिलाएं घर बैठे E – FIR दायर कर सकती हैं। पोस्को जैसे अपराधों के लिए फांसी और आजीवन कारावास की सज़ा का प्रावधान किया गया है। संबोधन से पहले प्रधानमंत्री ने नेपाल बस दुर्घटना में मारे गए जलगांव जिले के 27 नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। PM ने बताया कि बीते दस सालों में हमने 1 करोड़ और दो महीने में 11 लाख लखपती दीदी बनाई जिसमें एक लाख महाराष्ट्र से हैं। जनधन खाते खुलवाए उसके कारण 70% महिलाओं को मुद्रा लोन का लाभ मिला। 10 साल में 10 करोड़ महिलाओं को बचत गुटों के मध्यम से 9 लाख करोड़ रुपया दिया। महिला सक्षमीकरण के लिए कृषि सखी कार्यक्रम शुरू किया है। बजट में महिला विकास के लिए तीन लाख करोड़ रुपए निर्धारित किए हैं। मैं पोलैंड गया था वहां की राजधानी में कोल्हापुर मेमोरियल है। दूसरे विश्व युद्ध में पोलैंड के नागरिकों को छत्रपति शाहूजी महाराज ने शरण दी थी। मुझे पोलैंड में महाराष्ट्र के संस्कृति के दर्शन हुए, मैंने गौरव महसूस किया। नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को भाजपा प्रणीत महायुति गठबंधन के पक्ष में आशिर्वाद देने की अपील की।

ज्ञात हो कि महाराष्ट्र में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ हो रही यौन हिंसा रोकने में गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस फेल साबित हुए हैं उनका इस्तीफा हो जाना चाहिए था। उद्धव ठाकरे सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए बनाया शक्ति कानून शिंदे-फडणवीस सरकार ने पिछले दो सालों से मंजूर नहीं किया है। महिला विरोधी अपराधियों को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा दिए बयान को कठुआ, उन्नाव, हाथरस, बनारस, उत्तराखंड, बृज भूषण शरण सिंह, प्रज्वल रेवन्ना, बिलकिस बानो, बदलापुर, मणिपुर जैसे मामलों को भाजपा ने कितनी गंभीरता से लिया है इसे जनता जानती है।
मंच पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्य मंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, उपमंत्री रक्षा खडसे समेत सरकार में शामिल सभी दलों के विधायक, सांसद मौजूद रहे।
सभा के लिए 2500 बसें: महिला सम्मेलन को सफ़ल बनाने के लिए 2500 सरकारी बसेस को बुलढाना, अकोला, जलगांव, धूलिया जिले के गांव कस्बों में उतारा गया। सभी सरकारी महकमों, निजी स्कूलों की महिला कर्मियों को जुटाकर करीब 40 हजार महिलाएं इस सम्मेलन में शामिल हुईं।
पक्ष विपक्ष फोटो के लिए दक्ष: बदलापुर घटना का निषेध बनाम सहानुभूति इन आंदोलनों के माध्यम से महाराष्ट्र की चुनावी जमीन पर आपस में भिड चुके महायुति और कांग्रेस आघाड़ी के कार्यकर्ताओं के फोटो सेशन को देख कर आम जनता में काफ़ी हद तक चिढ़ की भावना व्यक्त की गई। सोशल मीडिया पर वायरल सैकड़ों फोटो में पार्टियों के सदस्यों को मुस्कुराते हुए देखा गया है। इन बातों को खास तौर पर वहां नोट किया गया जहां विपक्ष भाजपा के मंत्रियों के खिलाफ़ लड़ने का जुटान कर रहा है। संसदीय लोकतंत्र में नेताओं का इस तरह का व्यवहार जनता के प्रति उनकी असंवेदनशीलता और कैमरे के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

