गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

महानगर, इंटास फाउंडेशन, अपना घर में, राजयोग मेडिटेशन द्वारा व्यक्तित्व विकास हेतु, एक दिवसीय एक्टिविटी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता वरिष्ठ राजयोग टीचर व मोटिवेशनल ट्रेनर ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने बताया कि रोगी अपने आप को यदि राज-योगी समझे तो निश्चित रूप से… वर्तमान की बीमारी के दर्द/दु:ख को काम किया जा सकता है। राजयोग जीवन जीने की ऐसी कला है जिससे हमें हर परिस्थिति चुनौती का सामना करने की शक्ति मिलती है।

इसके लिए किसी स्थान विशेष पर जाने की आवश्यकता नहीं… जहां हम मौजूद हैं… वहीं रहकर राजयोग का अभ्यास किया जा सकता है, हम स्वयं को आत्मा मानकर, अपनी आत्मा के पिता, परमात्मा को निरंतर याद करते रहें और उनसे शक्तियां लेते रहे, तो जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया हमें अपनी अच्छी सोच से अपनी बीमारी और कमज़ोरी पर विजय प्राप्त करना है अच्छी सोच रखने से हम अपने क्रोध पर भी विजय प्राप्त कर सकते हैं तथा दिव्या गुना की धारण करके जीवन को मूल्यवान बना सकते हैं हम अपने मन में गलत विचार करके डरे नहीं घबराएं नहीं बल्कि हिम्मत रखकर और अपने ऊपर तथा परमात्मा पर विश्वास रखकर आगे बढ़ना ही ज़िंदगी है।

कार्यक्रम के अंत में हीमोफीलिया पेशेंट को नि:शुल्क फैक्टर तथा होम केयर किट का वितरण किया गया… साथ ही उन्हें सेल्फ इन्फ्यूजन ट्रेनिंग भी प्रदान की गई, ताकि वो आपातकालीन परिस्थितियों में फैक्टर का उपयोग कर सकें। जिसमें लगभग आधा सैकड़ा से अधिक पेशेंट, ग्वालियर चंबल संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए थे। मध्य प्रदेश ग्वालियर डिविजन के हीमोफिलिया प्रोजेक्ट कंसल्टेंट शुभम तोमर ने कार्यक्रम को विस्तार से बताते हुए कहा कि है हीमोफिलिया बीमारी, (खून का थक्का न जमना) एक अनुवांशिक बीमारी है, जिसका समय रहते हुए फैक्टर के जरिए उपचार संभव है।

साथ ही इंटास फाऊंडेशन का प्रयास रहेगा कि समय समय पर विभिन्न शिविरों के ज़रिए हीमोफिलिया के मरीजों को फिजियोथेरेपी, लैब सहायता, चिकित्सकीय सहायता, अनुवांशिक सलाह आदि के माध्यम से सहायता करते रहे। इंटास फाऊंडेशन के अपना घर में, कैंसर के मरीजों के लिए निःशुल्क रहने, भोजन तथा चिकित्सालय तक आवागमन हेतु वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इस फाउंडेशन के अंतर्गत प्रोजेक्ट एसोसिएट नील सारस्वत, प्रोजेक्ट काउंसलर स्वाति जैन अपना घर को संभालने का कार्य करते हैं तथा हीमोफिलिया प्रोजेक्ट को शुभम तोमर संभालते हैं… उन्होंने आई हुई सभी वक्तागणों का और श्रोताओं का तहे दिल से धन्यवाद किया।

