नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

फोटो में नज़र आ रहा जामनेर का लाल बहादुर शास्त्री म्युनिसिपल मार्केट इतिहास बन चुका है। इस जगह पर 10 करोड़ के सरकारी फंड से छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस को बुलाकर कोई संदेश प्रसारित किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर डॉ बाबासाहब भीमराव अंबेडकर इनके शिल्प का प्रस्तावित डिजाईन भी वायरल किया जा रहा है। मंत्री गिरीश महाजन के तीस साल के कार्यकाल के आखिरी महीनों में उक्त उपलब्धियों से सामाजिक न्याय की भावना को बल और भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व महसूस करने का अवसर मिला है। BOT प्रोजेक्ट्स में बने शॉपिंग मार्केट्स को बहुजन समाज नायकों के नाम से आधिकारिक पहचान दिलाई जाए युवाओं की यह मांग अब तक पूरी नहीं की जा सकी है। मंत्री महाजन की शिक्षा संस्था में प्रस्तावित शिव स्मारक के प्लान को 2016 में मशहूर इंजीनियरों द्वारा डिजाईन किया गया था आज़ वहां स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के नाम से सभागार है। जामनेर में बनाए जाने वाले इन स्मारकों ने लोगों को मुंबई के इंदू मिल में डॉ बाबासाहब भीमराव अंबेडकर और समुंदर के द्वीप पर अरसे से बन रहे शिवाजी महाराज के स्मारक की याद दिला दी है।

ज्ञात हो कि इंदू मिल और अरब समुद्र के द्वीप पर बनाए जाने वाले दोनों स्मारकों का 2017 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों से भूमिपूजन कराया गया था, दोनों प्रोजेक्ट्स अब तक अधूरे हैं। मंत्री महाजन की कर्तव्य परायणता से परिचित जामनेर निर्वाचन क्षेत्र की आवाम की यह मांग है कि शहर में बनने वाले महामानवों के दोनों स्मारक तय समय सीमा में बनाए जाएं।
सरहदों पर तनाव क्यों है, पता तो करो चुनाव है क्या।। राहत इंदौरी साहब का यह शेर राजनीतिक हालात बयां करने के लिए काफ़ी है। तनाव सरहदों पर नहीं बल्की सत्तारूढ़ महाराष्ट्र भाजपा में नजर आ रहा है। अक्टूबर 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद की तकरीर की तहज़ीब को समझने हेतु हमारे पाठकों के लिए इंदौरी साहब का एक और शेर अर्ज़ है “फैसला जो कुछ हो मंजूर होना चाहिए, जंग हो या इश्क हो भरपूर होना चाहिए।”
