दो श्वानों की मौत पर जैन समाज भी आहत, दोषियों पर कार्यवाही की कर रहा है मांग, मुख्यमंत्री तक पहुँचा दो श्वानों की निर्मम हत्या का मामला | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

जैसा की होता आया है और होता रहा है अपने को पाक साफ बताने वाले नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारियों में से एक स्वच्छता निरीक्षक के कहने पर तीन कर्मचारियों द्वारा दो श्वानों की निर्मम लाठियां भांजकर हत्या कर दी गई जिसके वीडियो फुटेज नगर में सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफॉर्म पर जैसे ही वायरल हुई धर्म नगरी में बसने वाले जीवदया प्रेमी का दिल पसीज गया उनकी आंखों से आँसुओं के झरने बहने लगे और नगर परिषद के साथ ऐसे क्रूर अपराध करने वालें कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करने की माँग करने लगे।

मामले ने इतना तूल पकड़ा कि आनन फानन नगर परिषद के सीएमओ ने अपने आप को इस पूरी घटना से अलग करते हुए बाहर मीटिंग का बहाना बना लिया गया तो स्वच्छता निरीक्षक ने भी उन श्वानों को मारने के आदेश न देकर पकड़ने का तर्क दिया गया हालांकि इस तर्क में इतना वजन नहीं था जिसके कारण नगर परिषद के पास जानवरों को पकड़ने के कोई साधन मौजूद नहीं है जिसे स्वयं नगर परिषद के अधिकारी स्वीकार कर चुके हैं।

वही उनके द्वारा दो श्वानों को पकड़ने का कोई दल न बनाते हुए महज दो कर्मचारियों को भेजना भी उनके मारने की ही पुष्टि करता है। इधर नगर परिषद सीएमओ ने जैसे ही मामलें पर उठा घमासान देखते हुए उन तीनों कर्मचारियों को निलंबन का आदेश निकाल दिया। उनके आदेश पर और ज्यादा बखेड़ा खड़ा हो गया कार्यवाही के विरोध में सफाई कर्मचारियों के अलावा नगरवासी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व स्वयं नगर के कुछ पार्षद भी लामबद्ध होकर इस कार्यवाही का घोर विरोध करते हुए नगर परिषद हाय-हाय, सीएमओ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे व निलंबित सफाई कर्मचारियों के निलंबन वापसी व दोषियों पर सख्त कार्यवाही को लेकर नगर परिषद का घेराव किया व सीएमओ को एक ज्ञापन दिया। इस पूरी कार्यवाही में जहाँ नगरजनों का साथ मिला वहीं वार्ड पार्षद अखिल व्होरा, सन्दीप डामोर, समाजसेवी वीरेन्द्रसिंह बारिया, तन्मय पाठक, सुनील चरपोटा, पंकज डोडियार सहित अनेक युवाओं व सफाई कर्मचारि नगर परिषद में मौजूद रहे।

जीवदया प्रेरक जैन समाज सहित सामाजिक संस्थाएँ भी हैं आक्रोशित

जीवदया अभियान, जैन समाज आदि अनेकों संगठन दो श्वान जिनमें से एक के पेट में बच्चे थे कि निर्मम हत्या से मन आहत हुआ है व नगर परिषद के प्रति आक्रोशित भी हुआ है। भारतीय मानवाधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील यादव ने तो मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामलें में दोषियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की है। जीवदया अभियान के राष्ट्रीय संयोजक पवन नाहर ने भी उक्त घटना की घोर निंदा करते हुए नगर परिषद के गैर जिम्मेदाराना रवैये पर आक्रोश भी जताया है। यहाँ इस बात का जिक्र करना प्रासंगिक होगा कि जीवदया को धर्म मानने वाला जैन समाज भी उक्त घटना पर अपना रोष दर्ज करवा चुका है।

इस संदर्भ में महिला मंडल अध्यक्ष पुष्पा घोड़ावत, सचिव गरिमा श्रीश्रीमाल व कोषाध्यक्ष सुनीता पीचा ने बताया कि जैन धर्म स्थानक पर एक कुत्ता वर्षों से जैन धर्म स्थानक पर ही रह रहा है वह जैन के हर आयोजन में शामिल होता है तो कभी कभी उसने कुछ लोगों को काट भी लिया बावजूद इसके जैन समाज के लोग उसकी देखरेख करते आ रहे है तो एक कुतिया ने पौषध भवन के द्वार के समीप ही बच्चों को जन्म दे दिया व उनकी हिफाजत में वह भी कभी धर्म स्थानक में प्रवेश करने वालों पर हमला कर देती थी लेकिन जैन समाज ने उसके भी मनोभाव को समझा व सबको सावधानी से धर्म स्थानक में आने की सूचना जारी की व उस कुतिया व बच्चों की हिफाजत की यहाँ तक कि नगर परिषद द्वारा जब उस कुतिया को हटाने के लिए आये तो उन्हें भी मना कर दिया।

वे कहते हैं कि जब आपके दिल में मूक प्राणियों के लिए दया भाव होता है तो फिर आप किसी भी तिर्यंच प्राणी को आहत नहीं कर सकते। इधर विधायक विरसिंह भूरिया ने भी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा की कथनी करनी में अंतर की बात जग जाहिर करते हुए भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इस सम्बंध में जवाब मांगा है व कहा है कि भाजपा दोषियों को क्यों बचा रही है व बेकसूर केवल आदेश का पालन करने वालें कर्मचारियों को ही क्यों निशाना बना रही है। अब देखना है कि धर्म नगरी व छोटा काशी कहे जाने वाले थांदला नगर तीर्थ पर यहाँ पर बसने वाली जनता के बीच ऐसी हृदय विदारक मूक जानवरों की निर्मम हत्या हो जाये जो पशु क्रूरता अधिनियम के अधीन भी आती है ऐसे में  प्रशासन के हाथ बड़े लोगों तक पहुँच पाते हैं या फिर वही छोटे लोगों पर कार्यवाही का इतिश्री कर फाइल बंद कर दी जाएगी।


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