पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.),NIT:

तिरला में घोड़ारोज़ की समस्या को लेकर दिनांक 21.5.2024 को होने वाले आंदोलन को लेकर भारतीय किसान संघ ग्राम समिति तिरला की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें आंदोलन में शामिल होने को लेकर रुपरेखा बनाई गई।
उक्त जानकारी देते हुए जिला प्रचार प्रसार प्रमुख अमोल पाटीदार ने बताया कि किसानों की फसलों को चौपट करने वाले घोड़ारोज़ नामक जंगली पशु की समस्या जिला एवं प्रदेश स्तर की हो चुकी जिसको लेकर संगठन द्वारा 21 मई 2024 को जिला कलेक्टर कार्यालय धार का घेराव आंदोलन एवं उसके बाद प्रतिदिन 5 गांव के किसान अभिव्यक्ति स्थल त्रिमूर्ति नगर चौराहा पर धरना आंदोलन करेंगे।
इस आंदोलन को लेकर भारतीय किसान संघ ग्राम समिति तिरला की बैठक सम्पन्न हुई जिसको संबोधित करते हुए राजेंद्र पाटीदार ने कहा कि 70 प्रतिशत किसान कृषि में उपयोग आने वाले संसाधनों एवं रोजमर्रा की वस्तुओं को खरीदकर कृषि प्रधान देश भारत की अर्थव्यवस्था के चक्र को मेहनत कर अपने खून पसीने को बहाकर चलाता है लेकिन जब भी नीत नवीन समस्या से ग्रस्त रहता है और शासन प्रशासन का रवैया उदासीन रहता है, मजबूर होकर किसान अपने सामाजिक एवं कृषि कार्य में से समय निकाल कर आंदोलन की राह पकड़ता है।
किसानों की फसलों को नुक़सान करने वाले घोड़ारोज़ नामक जंगली पशु सिर्फ किसान की फसलों का नुक़सान नहीं करता बल्कि किसान की ख़रीद शक्ति को कम करता है जिससे देश की अर्थव्यवस्था का आर्थिक चक्र धीमा पड़ता है और सरकार की आय को भी नुकसान पहुंचता है इतनी सीधी सी बात शासन प्रशासन के लोगों को समझाने के लिए किसानों को बड़े आंदोलन के लिए मजबुर होना पड़ता है, उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि 21 मई को तिरला से सभी किसान घोड़ारोज़ की समस्या के उचित समाधान के लिए किये जाने वाले आंदोलन में आवे।
