अब्दुल वहीद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोट बंदी के फैसले के खिलाफ धुलिया ज़िला कलेक्टर कार्यालय पर नोटबन्दी के निर्णय के खिलाफ विरोध का स्वर गूंज उठा। इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने नोटबंदी की वर्षगांठ पर जन आक्रोश आंदोलन कर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर जीएसटी का भी विरोध किया गया।
वही पर भारिप बहुजन पार्टी, सत्यशोधक ग्रामीण कष्टकारी संगठन ने मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले का निषेध व्यक्त करते हुए नोटबंदी को सदी का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को मोदी सरकार के नोट बंदी फैसले के एक साल पूरे होने पर ज़िलाधिकारी कार्यालय के समक्ष काला दिवस मनाया। कांग्रेस पार्टी के विभिन्न सेल अध्यक्ष कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए नोटबन्दी तथा केंद्र सरकार राज्य सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया।
कांग्रेसियों ने बताया है कि नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था और नौकरियों को नुकसान पहुंचा है। पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1000 रुपये और 500 रुपये के नोटों को बंद किये जाने की घोषणा की थी। नोटबंदी के फैसले के कारण अर्थव्यवस्था की हालत बुरी होने, बेरोजगारी बढ़ने और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) कम हो गई है । 8 नवंबर को कांग्रेस पार्टी काला दिवस के रूप में माना रही है।
कांग्रेस पार्टी के विधायक कुणाल पाटील ने मोदी सरकार के इस फैसले को सदी का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद पूरा देश सड़कों पर आ गया था और लोगों को लाइनों में घंटों खड़े रहने के लिए मजबूर होना पड़ा था। नोटबंदी के कारण सरकारी आंकडों के अनुसार, 120 लोग मारे गये जबकि अनाधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इनकी संख्या 300-400 है। इनमें लाइन में खड़े होने के दौरान दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने काला धन, जाली मुद्रा और आतंकवादियों के वित्त पोषण पर रोक जैसे जिन उद्देश्यों के लिए नोटबंदी का फैसला किया था उनमें से कोई भी मकसद पूरा नहीं हुआ। बीजीपी सरकार के किसान विरोधी नीतियों के कारण किसानों की आत्महत्या करने की घटनाएं दिन ब दिन बढती जा रही हैं। सरकार ने विदेश से काला धन लाने का वादा किया था और आम आदमी के लिए अच्छे दिन किँतु केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है। एक प्रकार से राज्य की फड़वनिस सरकार फसवनिस सरकार है, इस प्रकार का आरोप कांग्रेस पार्टी ने लागये हैं।
कांग्रेस पार्टी के उत्तर महाराष्ट् अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष इरशाद जहगिरदार ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह जन विरोधी है और जनता इस सरकार को उखाड़ने के लिए बेसब्र है। इस मौके पर पूर्व मंत्री हेमंत देशमुख , विधायक कुणाल पाटील , शिवजी राव दहिते , शाम सनेर , मधुकर गर्दे , युवराज करनकाल , रवींद्र देशमुख ,इरशाद जागीरदार , किशोर पाटील , विधायक कांसीराम पावरा ,पूर्व सांसद बापू चोरे , साबिर खान , दरबार सिंग गिरासे , इस्माइल पठान, अफसर पठान गणपत सोनवणे नानेश्वर नागरे सरफराज अन्सारी, भारिप बहुजन महा संघ के एस पारेराव , इक़बाल तेली , योगेश जगताप ,निलेश अहीरे ,गौतम बोरसे , बाबा हातेकर, सत्यशोधक ग्रमीण कष्टकरी सभा केदीपक जगताप , शरद पवार, रमन मालवी , हिलाल महाजन , सुभाष काकुस्ते , अशफाक कुरैशी आदि ने मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले के खिलाफ जमकर निशाना साधते हुए नारे लगाए तथा उसके बाद ज़िला अधिकारी दिलीप पांढरपट्टे को ज्ञापन सौंपा।
