नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

सातारा, माढ़ा, बारामती, शिरूर, भिवंडी, अहमदनगर दक्षिण, बीड, डिंडोरी, वर्धा, रावेर ये सूची है इंडिया गठबंधन में शामिल NCP (शरदचंद्र पवार) के लोकसभा सीटों की। धनबल से ओतप्रोत उद्योगपति श्रीराम पाटील को पार्टी ने रावेर से अपना प्रत्याशी बनाया है। फरवरी में पाटील ने भाजपा में प्रवेश किया था दो महीने बाद वे शरद पवार की NCP में शामिल हो गए। भारत की दलीय राजनीत में सिलेक्टेड विथ इलेक्टेड यानी राजनीतिक दल जो प्रत्याशी तय करेगे उनमें से किसी एक को जनता अपना वोट देकर विधायक सांसद बनाती है। चुनाव मैदान में उम्मीदवार कौन होना चाहिए यह अधिकार पार्टियों का है जनता का नहीं।

चुनाव का पहला जनरुझान तब सामने आता है जब प्रत्याशी का नाम घोषित किया जाता है। रावेर सीट पर ऐसे हालात बन चुके है कि मतदाताओं के सामने विकल्प के रूप में रखा गया विकल्प सर्व मान्यता से परे है। जामनेर मुक्ताईनगर मलकापुर नांदुरा रावेर भुसावल चोपड़ा यावल इन तहसीलों के समावेश वाला यह संसदीय क्षेत्र लेवा पाटीदार समाज की परंपरागत सीट माना जाता है। NCP (SP) ने यहां मुस्लिम और आदिवासी समुदाय को साथ मानकर मराठा कार्ड खेलने का जो दावा किया है उस पैमाने पर पार्टी का उम्मीदवार खरा नही उतर पा रहा है।
हमने अपनी एक स्टोरी में बताया था कि अगर इस सीट से स्व मधुकरराव चौधरी के परिवार से किसी सदस्य को मौका दिया गया तो बहुत सारे समीकरण बदल जाएंगे। चुनावी चंदे में भाजपा के मुकाबले पिछड़ चुके विपक्ष को धन के अभाव के कारण कई सीटो पर धनवान लोगों को टिकट देने के अप्रिय फैसले लेने पड़े है। रावेर में धन की नो चिंता के बाद इंडिया गठबंधन की सीट बुरी तरह से फंस चुकी है। ऑफलाइन मिडिया में इस फैसले का बचाव इस तर्क पर किया जा रहा है की आगामी विधानसभा चुनाव में बूथ को मज़बूती मिलेगी। इसका मतलब बूथ स्तर पर NCP(SP) का संगठन एकदम लचर स्थिती में है। 25 अप्रैल से नामांकन दाखिल होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी 13 मई को वोट डाले जाने है, तीसरे विकल्प की गुंजाइश काफ़ी कम है।
