अम्बेडकर जयंती मनाने पर रोक, खांडसा बना पुलिस छावनी, सतपाल तंवर नज़रबंद | New India Times

फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

अम्बेडकर जयंती मनाने पर रोक, खांडसा बना पुलिस छावनी, सतपाल तंवर नज़रबंद | New India Times

रविवार को संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जयंती मनाने को लेकर भीम सेना और पुलिस के बीच बड़ा विवाद हो गया। पूरे देशभर में डॉ० अम्बेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। लेकिन हरियाणा में पहली बार अम्बेडकर जयंती मनाने पर रोक लगाई गई। गुरुग्राम जिले के चर्चित गांव एकलव्य ग्राम खांडसा में डॉ० अम्बेडकर जयंती मनाने पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी। जिससे भीम सेना और पुलिस के बीच तनातनी बढ़ गई। पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर को कुछ समय के लिए नजरबंद कर दिया। पुलिस प्रशासन ने भीम सेना को नोटिस जारी करके शांति व्यवस्था के मद्देनजर रैली और झांकी निकालने पर तत्काल रोक लगा दी। जिससे बहुजन संघर्ष समिति खांडसा और भीम सेना शाखा खांडसा के भीम सैनिक जयंती मनाने की जिद्द पर अड़ गए। पुलिस प्रशासन ने माईक के माध्यम से भीम सेना और बहुजन समाज के लोगों को चेतावनी देते हुए जबरन घरों में घुसा दिया। खांडसा गांव में करीब तीन घंटे तक यह पूरा बवाल काटा गया।

अम्बेडकर जयंती मनाने पर रोक, खांडसा बना पुलिस छावनी, सतपाल तंवर नज़रबंद | New India Times

पूरे लाव-लश्कर के साथ गांव खांडसा पहुंचें भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने गांव के बीच में केक कटवाकर विवाद को ओर अधिक बढ़ावा दे दिया। पूरे गांव में देसी घी का हलवा बंटवाकर विवाद और संगीनों के साये में इस वर्ष की अम्बेडकर जयंती मनाई गई। पुलिस प्रशासन के प्रति दलित समाज के लोगों का गुस्सा देखने लायक था। सतपाल तंवर के लगभग बीस मिनट लंबे भाषण ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। गांव में सतपाल तंवर की मौजूदगी को देखते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आनन-फानन में सैंकड़ों की संख्या में पुलिस बल को बुला लिया जिससे पूरा खांडसा गांव पुलिस छावनी बन गया। अपने भाषण के दौरान भीम सेना के सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि बाबा साहब की जयंती मनाने से रोकना सरकार की तानशाही है। तंवर ने कहा कि वे बहुत जल्द अपनी भीम सेना सरकार बनाने की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं और इस अम्बेडकर जयंती पर इसकी घोषणा भी करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब भीम सेना की अपनी सरकार और अपनी पार्टी होगी तब पुलिस और सरकार की इस तानाशाही का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। जानकारी मिली है कि जयंती मनाने के बाद पुलिस प्रशासन की नजरबंदी तोड़कर भीमसेना चीफ नवाब सतपाल तंवर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

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