अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
मोदी जी के “नोटबन्दी” तुगलकी फरमान के खिलाफ आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश द्वारा नीलम पार्क में एक दिन का उपवास व् धरने का आयोजन किया गया। इसमें बडी संख्या में महिला-पुरुषों ने भाग लिया। प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारियों द्वारा एक दिवसीय उपवास भी किया गया।भोपाल के अलावा पूरे प्रदेश के हर जिले में भी प्रदर्शन किए गए।
उल्लेखनीय है कि मोदी जी के तुगलकी नोटबंदी के निर्णय के कारण पूरे देश में अफरा- तफरी मची हुयी है। खेती- किसानी , व्यापार, निर्माण कार्य सब कुछ थम गया है, एक तरह से पूरी अर्थव्यस्था चरमरा गई है। लोगों के पास इलाज़, बच्चों के दूध,आवागमन के लिए किराया तक के लिए पैसा नहीं है, कई शादियाँ टूट गयीं है।
पूरे देश में इस फैसले के बाद 50 से ज्यादा मौते बैंक लाइन में खड़े खड़े हो गई है। मध्य प्रदेश में भी 10 से ज्यादा मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश जैसे कृषि राज्य में आम जनता को परेशानी ज्यादा हो रही है। मंडी से लेकर, सहकारी बैंकों तक में किसानों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
श्री अग्रवाल ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह फैसला जनता के विरोध और उन पुंजिपतियो के हक़ में लिया गया है जो बैंको के 8 लाख करोड़ दबा कर बैठे है। मोदी सरकार पहली ही 1 लाख करोड का क़र्ज़ माफ़ कर चुकी है और अब जनता का पैसा बैंक में जमा कर बाकी का भी क़र्ज़ माफ़ करना चाहती है और इसकी शुरुवात भी हो चुकी है। नोट बंदी के बाद स्टेट बैंक द्वारा 7000 करोड का कर्ज भी माफ़ कर दिया गया है। यह नोट बंदी देश का सबसे बड़ा घोटाला है।
उन्होंने यह भी कहा कि असली काला धन तो विदेश में जमा है जिसकी सूचि मोदी जी के पास है। अगर नोट बंदी की जगह काला धन वापस लाया जाता तो देश में न मंडिया बंद होती, न उद्योग बंद होते न लोगो को परेशानी होती।
आम आदमी पार्टी मानती है कि यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया है और इससे तत्काल वापस लेना चाहिए, विदेशों में जमा काला धन और देश के बड़े उद्योगपतियों पर बकाया धन वापस लाया जाए। इस नोटबंदी के तुगलकी फैसले को तत्काल वापस लिया जाए और लोगो को उचित समय दे कर सुनुयोजित तरीके से लागु किया जाए।
आम आदमी पार्टी द्वारा आज इस मुद्दे पर सभी जिलों में प्रदर्शन किया गया। आम आदमी पार्टी ने भोपाल में राज्यपाल को राष्ट्रपतिजी के नाम ज्ञापन सौंपा गया और मांग की गयी कि नोटबंदी का निर्णय वापस लिया जाये और विदेशों और देश में बड़े पूंजीपतियों के लाखों रूपये के काले धन को वापस लिया जाये और जिले जिले में भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
