आदिवासी समाज के द्वारा प्रतिवर्षानुसार परम्परगत सांस्कृतिक स्वतंत्र रूप से निकाली गई गैर भोगर्या हाट की चारों ओर धूम | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

आदिवासी समाज के द्वारा प्रतिवर्षानुसार परम्परगत सांस्कृतिक स्वतंत्र रूप से निकाली गई गैर भोगर्या हाट की चारों ओर धूम | New India Times

आदिवासियों का लोक उत्सव, संस्कृति, उमंग तथा उल्लास भरा भोंगर्या हॉट अलीराजपुर में सर्व आदिवासी समाज के द्वारा प्रतवर्षानुसार परम्परागत देशी वाद्य यंत्रों, ढोल-मांदल एवं बांसुरी की धुन पर नाचते गाते हुये सहर्ष उल्लास के साथ गैर निकाली गई। आदिवासी समाज के लोग स्थानीय टंट्या भील (मामा) चौराहे पर एकत्रित हुए, टंट्या भील गाता पर आदिवासी समाज के वरिष्ठजनों के द्वारा परंपरा एवं संस्कृति अनुरूप माल्यार्पण, धार डालकर पूजा पाठ की गई।

आदिवासी समाज के द्वारा प्रतिवर्षानुसार परम्परगत सांस्कृतिक स्वतंत्र रूप से निकाली गई गैर भोगर्या हाट की चारों ओर धूम | New India Times

वहां से गैर रामदेव जी मंदिर, पोस्ट ऑफिस चैराहा, निम चौक होते हुए बस स्टैंड पहुँची। वहाँ से गैर, नृत्य दल एवं समाज के लोग अपने-अपने घर की और रवाना हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आदिवासी समाज ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया है।


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