ताप्ती मिल यूनियन के पदाधिकारियों ने बुरहानपुर ताप्ती मिल के श्रमिकों को मिले वेतन के लिए पीएम, केन्द्रीय कपड़ा मंत्री व सांसद का माना आभार | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

उपनगर लालबाग स्थित नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन द्वारा संचालित बुरहानपुर ताप्ती मिल कोराना काल मार्च 2020 से बंद चल रही है। मार्च माह के कार्य दिवस के आधार पर लगभग 850 श्रमिकों को आधा वेतन दिया जा रहा था। मिल के श्रमिकों का शेष वेतन भी जारी हो गया है। इस संबंध में आज सांसद कार्यालय पर आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में श्रमिक योनियों के नेताओं ने बताया कि यूनियनों ने कोराना के पश्चात हुए लोकसभा के उप चुनाव में निर्वाचित सांसद ज्ञानेश्वर पाटील से मिलकर ताप्ती मिल की वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। सांसद श्री पाटील ने गत 2 वर्ष में सतत केंद्र के शीर्ष नेताओं को मिल की वस्तु स्थिति से अवगत कराया साथ ही केंद्रीय कपड़ा मंत्री पियूष गोयल से भेंट कर मिल को किस प्रकार से फिर से शुरू किया जाए, इस पर चर्चा कर आग्रह किया। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने ताप्ती मील के मुद्दे को लोकसभा के सत्र में दो बार उठाया था।

यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद श्री पाटील के नेतृव्य में केन्द्रीय कपड़ा मंत्री एवम एनटीसी के सीएमडी से भेंट कर आधा वेतन मिलने से त्रस्त श्रमिकों के परिवारों की आर्थिक स्थिति से अवगत कराकर कोई समाधान निकालने का निवेदन किया। जिसके परिणाम स्वरूप ताप्ती मिल के श्रमिकों के कोरोना काल के वेतन की आधी राशि मई 2020 से दिसंबर 2021 का रूका 20 माह का शेष वेतन देने की केन्द्रीय कपड़ा मंत्री श्री पियूष गोयल ने शुक्रवार को मुंबई के सह्याद्रि गेस्ट हाऊस में घोषणा कर 23 मिलों के उपस्थित श्रमिकों को चेक का वितरण किया। सभी श्रमिकों का वेतन मिल प्रशासन को हस्तांतरित कर दिया है, जिसे शीघ्र ही ताप्ती मिल के मज़दूरों को दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में युनियन के विजय कारले, आशीष शुक्ला, जोतीबा धड़स, चंद्रकांत महाजन एवम नरेंद्र शिंदे ने सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के सतत प्रयासों की प्रशंसा की साथ ही  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कपड़ा मंत्री पियूष गोयल, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ  सांसद पाटील का आभार व्यक्त करते हुए सभी को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर यूनियन के अन्य पदाधिकारी पंकज पवार, संजय नरोत्तम, प्रदीप बोरसे आदि मौजूद थे।


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