ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

अकोला शहर के मोहम्मद अली रोड पर वैसे तो अल्लाह का एहसान है की हर समय रोशनियों से जगमगाता रहता है लेकिन जब रमजान का चांद नज़र आ जाए तब से इस की चमक में ऐसी बढ़ोतरी होती है की आस पास के लोग भी मोहम्मद अली रोड पर खरीद फरोख्त करने व इस की चका चौंध खूबसूरती को देखने आते हैं यहां मस्जिदों से लेकर रास्तों पर भी चमक देखी जा सकती है तरह तरह के पकवानों का जायका उस पर इफ्तार के लिए फ्रूट त्लन के नए नए पकवान गर्मा गर्म समोसे जैसे सामानों से भरे मोहम्मद अली रोड की पूरा महीने बात ही निराली होती है जैसे जैसे रमजान के दिन गुजरते जाते हैं वैसे वैसे सामानों की खरीद फरोख्त बढ़ती जाती है फिर यहां पर कपड़े जूते से लेकर हर सामान की खरीद फरोख्त दिखाई देती है। यहां पर चाय की दुकानों में चौराहों पर आपसी भाई चारा देखने का नजारा ही कुछ ओर होता है इशा की नमाज तरावी की नमाज के बाद का नजारा देखना मानो खुशियों का खजाना देखने जैसा होता है यह चारों ओर भाई चारे के साथ मिलन सार लोगों को देखने का नजारा ही कुछ और होता है।

