RGPV में करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर होने पर एनएसयूआई नेता रवि परमार ने तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को पत्र लिखकर आंदोलन की दी चेतावनी | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

RGPV में करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर होने पर एनएसयूआई नेता रवि परमार ने तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी दी है।

मध्य प्रदेश के एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय RGPV (राजीव गांधी प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय) में करोड़ों रूपए का घोटाला उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि RGPV के अकाउंट से 19.48 करोड़ रुपए प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं। यह काम अनाधिकृत तरीके से किया गया है। इस मामले में एनएसयूआई ने यूनिवर्सिटी के कुलपति को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।

एनएसयूआई नेता रवि परमार ने सोमवार को इस संबंध में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी दी है। परमार ने अपने पत्र में लिखा, ‘प्रदेश के एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के भ्रष्टाचारी कुलपति कुमार की मिली भगत से लंबे समय से विश्वविद्यालय के पैसे का भ्रष्टाचार किया जा रहा था। छात्र-छात्राओं की मांग और विरोध के चलते कल गांधीनगर थाने में भ्रष्टाचारी कुलपति और विश्वविद्यालय के पैसे को दीमक की तरह चट करने वाले कुछ लोगों पर एफआईआर तो दर्ज हो गई लेकिन आज तक आरोपी गिरफ्तार नही हुए हैं।’

RGPV में करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर होने पर एनएसयूआई नेता रवि परमार ने तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को पत्र लिखकर आंदोलन की दी चेतावनी | New India Times

परमार ने पत्र में आगे लिखा है कि, ‘विश्वविद्यालय में चल रही गंभीर आर्थिक अनियमितताओं को देखते हुए तत्काल पुलिस को निर्देशित करें जिससे भ्रष्टाचारी कुलपति सुनील कुमार तत्काल गिरफ्तार हों और उनसे जुड़ी बड़ी मछलियों के नाम सामने आएं साथ ही विश्वविद्यालय में धारा 52 लगाकर भ्रष्टाचारी कुलपति को तुरंत पदच्युत करवाने की भी कृपा करें।’

परमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द भ्रष्टाचारी कुलपति सुनिल कुमार और उनके गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर विश्वविद्यालय में धारा 52 नहीं लगाई गई तो एनएसयूआई उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।

दरअसल, यूनिवर्सिटी के तकनीकी शिक्षा विभाग को फरवरी के दूसरे हफ्ते में शिकायत मिली थी कि यूनिवर्सिटी के अकाउंट से 19.48 करोड़ रुपए रजिस्ट्रार और फायनेंस कंट्रोलर के साइन से प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर हुए। जांच के लिए 19 फरवरी 2024 को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार भी यूनिवर्सिटी के अकाउंट से 19.48 करोड़ रुपए प्राइवेट अकाउंट में आपराधिक षड्यंत्र के तहत ट्रांसफर किए गए हैं। बहरहाल, अब देखना होगा कि सरकार क्या कुछ करती है।


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