सूचना का अधिकार विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्त भोपाल ने एक्ट के प्रावधानों से पुलिस अधिकारियों को कराया अवगत | New India Times

गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

सूचना का अधिकार विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्त भोपाल ने एक्ट के प्रावधानों से पुलिस अधिकारियों को कराया अवगत | New India Times

आज पुलिस कंट्रोल रूम सभागार ग्वालियर में ग्वालियर जिले के पुलिस अधिकारियों के लिये ‘‘सूचना का अधिकार प्रावधानों’ के विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला राज्य सूचना आयुक्त भोपाल श्री राहुल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में श्री राहुल सिंह आयुक्त राज्य सूचना आयुक्त भोपाल, श्री राजेश सिंह चंदेल,भापुसे पुलिस अधीक्षक ग्वालियर, अति0 पुलिस अधीक्षक शहर(पूर्व/यातायात/अपराध) ग्वालियर श्री ऋषिकेश मीना,भापुसे, अति. पुलिस अधीक्षक शहर(उत्तर) श्री षियाज़ के.एम.,भापुसे, अति. पुलिस अधीक्षक शहर(पश्चिम) श्री गजेन्द्र सिंह वर्धमान, अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री निरंजन शर्मा, श्री अभय जैन आरटीआई अधिवक्ता सहित पुलिस के राजपत्रित अधिकारी व ग्वालियर जिले के समस्त थाना प्रभारीगण उपस्थित रहे।

सूचना का अधिकार विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्त भोपाल ने एक्ट के प्रावधानों से पुलिस अधिकारियों को कराया अवगत | New India Times

सर्वप्रथम मुख्य अतिथि श्री राहुल सिंह आयुक्त राज्य सूचना आयुक्त भोपाल का एसपी ग्वालियर एवं अति0 पुलिस अधीक्षक शहर(पूर्व/यातायात/अपराध) ग्वालियर ऋषिकेश मीना द्वारा पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया गया, तद्उपरान्त अति0 पुलिस अधीक्षक शहर(पूर्व/यातायात/अपराध) ग्वालियर द्वारा उपस्थित पुलिस अधिकारियों को सूचना का अधिकार संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला की रूपरेखा से अवगत कराया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों से कहा कि यह एक गंभीर विषय है और जब आरटीआई लगाई जाती है तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए और सभी थाना प्रभारी एक रजिस्टर रखे जिससे लगने वाली आरटीआई के संबंध में जानकारी को लेख करें।

मुख्य अथिति श्री राहुल सिंह आयुक्त राज्य सूचना आयुक्त भोपाल ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस विभाग आरटीआई एक्ट से डायरेक्ट जुड़ा हुआ है। आप सभी को प्रयास करना चाहिए कि जो आरटीआई लगा रहा है उसे आपके द्वारा दी गई जानकारी से वह पूर्णतः संतुष्टि हो। उन्होंने कहा कि कई बार आप लोग आरटीआई की जानकारी में त्रुटि कर जाते हैं जिसका आपको काफी नुकसान उठाना पड़ता है। सही जानकारी देने के लिये आप सभी को अपने थाने का रिकॉर्ड दुरुस्त व सटीक करना जरूरी है जिससे आरटीआई लगाने पर आप सही जानकारी उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को 30 दिन की समय सीमा की जानकारी है जबकि कुछ मामलों में 24 घण्टे के अन्दर आरटीआई के तहत जानकारी उपलब्ध करानी होती है।

इस अवसर पर उन्होने आरटीआई के कई ऐसे प्रावधानों से पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया जिनके संबंध में वह अनभिज्ञ थे। उन्होने कहा कि जो भी व्यक्ति आरटीआई लगाता है उससे सद्भाव पूर्वक व्यवहार रखते हुए जानकारी उपलब्ध करावें। इस अवसर पर उन्होंने आरटीआई के प्रावधानों के तहत होने वाली सजा के संबंधों में भी पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पुलिस अधिकारियों द्वारा आरटीआई प्रावधानों के संबंध में किये गये प्रश्नों व संदेह का निराकरण किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि आरटीआई के तहत कौन सी जानकारी देना है और कौन सी जानकारी नहीं देना है लेकिन न देने की स्थिति में उसका उचित कारण होना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित श्री अभय जैन आरटीआई अधिवक्ता द्वारा भी आरटीआई के प्रावधानों से उपस्थित पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया।

पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री राजेश सिंह चंदेल,भापुसे ने कार्यक्रम के अंत में अपने उद्बोधन में कहा कि आरटीआई एक्ट बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है और आरटीआई कानून व्यवस्था को पारदर्शी बनाता है। कई बार हम लोग ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण आरटीआई संबंधी मामलों में त्रुटि कर जाते हैं। जिसमें हमें सुधार लाने की काफी आवश्यकता है। उनके द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित सभी थाना प्रभारियों को थाने के रिकॉर्ड का उचित व व्यवस्थित संधारण करने के निर्देश दिये और उन्होंने कहा कि कोई भी कार्यवाही करते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि भविष्य में आरटीआई के तहत जानकारी देनी पड़ सकती है। प्रशिक्षण कार्यशाला के अंत में उनके द्वारा श्री राहुल सिंह आयुक्त राज्य सूचना आयुक्त भोपाल एवं उनकी टीम को प्रशिक्षण देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और ग्वालियर पुलिस की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किये।

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