जिन लोगों की कोई औकात नहीं वो मुझे ट्रोल करने में लगे हैं, कांग्रेस में इतनी गुटबाज़ी नहीं थी जितनी NCP में है, अगली राजनीतिक पारी को लेकर आत्मचिन्तन के बाद करुंगा फैसला: संजय गरुड़ | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जिन लोगों की कोई औकात नहीं वो मुझे ट्रोल करने में लगे हैं, कांग्रेस में इतनी गुटबाज़ी नहीं थी जितनी NCP में है, अगली राजनीतिक पारी को लेकर आत्मचिन्तन के बाद करुंगा फैसला: संजय गरुड़ | New India Times

IT Cell कितनी ताकतवर है इसका अंदाजा भाजपा की संघटन शक्ति से नहीं बल्की विपक्षी दलों मे प्लांट की जाने वाली अंदरूनी तकरारों से भी लगाया जा सकता है। NCP (शरद पवार) नेता संजय गरुड़ ने भाजपा नेता गिरीश महाजन के साथ श्री राम मंदिर शोभा यात्रा में शिरकत क्या की उनके अपने दल के और NCP से किसी प्रकार का संबंध नहीं रखने वाले कुछ शरारती तत्वों ने गरुड़ को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चारों तरफ से ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्रोलिंग से परेशान गरुड़ ने दुसरे दिन पार्टी का कार्यकर्ता संवाद सम्मेलन बुलाया और संघटन के भीतर लंबे समय से चली आ रही अनुशासन हिनता को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए भाजपा में जाने के विचार को प्रकट कर दिया। गरुड़ ने कहा NCP के वर्कर कहते हैं गरुड़ को टिकट दिया तो हम पार्टी का काम नहीं करेंगे। जिन लोगों की कोई औकात नहीं वो लोग मुझे सोशल मीडिया पर ट्रोल करते हैं। मेरे भाई और बेटे पर झूठे मामले दर्ज कराए गए तब कोई मेरी सुध लेने नहीं आया। बीते दो तीन साल में मैंने पार्टी के कामकाज के लिए अपनी तीन करोड़ की संपत्ति बेच दी।

जिन लोगों की कोई औकात नहीं वो मुझे ट्रोल करने में लगे हैं, कांग्रेस में इतनी गुटबाज़ी नहीं थी जितनी NCP में है, अगली राजनीतिक पारी को लेकर आत्मचिन्तन के बाद करुंगा फैसला: संजय गरुड़ | New India Times

कांग्रेस NCP की हमारी अपनी सरकार रहते कार्यकर्ताओं और आम लोगों के काम के लिए मंत्रियों से अनुरोध करने पर वो मुझसे हीन भावना से पेश आते थे। मंत्री कहते थे आप तो दो दो तीन तीन बार चुनाव हार जाते हो जीतकर आते हि नहीं। मैं कांग्रेस में था तब वहां इतनी गुटबाज़ी नहीं थी अनुशासन था। मेरे NCP में आने के बाद यहां मैं कार्यकर्ताओं से तंग आ चुका हूं पीड़ा सहन कर रहा हूं। मुझे दो तीन दिन का अवधी चाहिए ताकी मैं अपने अगले राजनीतिक पारी को लेकर आत्मचिन्तन के पश्चात कोई फ़ैसला कर सकूं। मैने तो राजनीत से संन्यास लेने का निर्णय किया था पर जनता ने मुझे 83 हजार वोट दिए हैं इस लिए रुक गया था। मैं कोई भी राजनीतिक समझौता करुंगा तो वह कार्यकर्ताओं के लिए करुंगा। सबसे पहले मैं शरद पवार और जयंत पाटील से मिलूंगा उसके बाद आगे बढ़ूंगा जिसे मेरे साथ आना है वो आए। सीनियर नेता डी के पाटिल ने गरुड़ को मनाने की खूब कोशिश की कहा कि जामनेर की पहचान संजय गरुड़ से है। भाजपा का राजनीति करने का तरीका गंदा है आपको कहीं ED , CBI , Income tax का डर तो नहीं सता रहा है। सब बैठकर पार्टी के अंदरुनी विवाद सुलझा लेंगे भाजपा में जाने के विचार को त्याग दे। प्रदीप लोढ़ा, कैलाश पाटील, किशोर पाटील, दत्ता साबले, विश्वजीत पाटील समेत ग्रामीण इलाकों से आए कार्यकर्ताओं ने गरुड़ के भाजपा प्रवेश विचार मंथन से अलग हो कर NCP के पक्ष में अपनी राय रखी। यू यू पाटील, सागरमल जैन, शांताराम गुजर और धी शेंदूर्णी एजुकेशन शिक्षा संस्था परिवार ने अपने नेता संजय गरुड़ की सोच का सम्मान किया। विदित हो कि बेहद प्रतिकूल राजनितिक परिस्थितियों में संजय गरुड़ और डी के पाटिल ने भाजपा नेता गिरीश महाजन से लोहा लेकर विपक्ष को मज़बूत बनाने का निरंतर प्रयास किया है।


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