जब केंद्र की सत्ताधारी पार्टी द्वारा पूर्ण बहुमत के अंहकार में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है तब लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संजय भैया ने अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई: इमरान लतीफ़ | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

जब केंद्र की सत्ताधारी पार्टी द्वारा पूर्ण बहुमत के अंहकार में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है तब लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संजय भैया ने अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई: इमरान लतीफ़ | New India Times

आम आदमी पार्टी नेता इमरान लतीफ ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा है कि समाजवादी धारा के वटवृक्ष डॉ लोहिया ने कहा था जब सड़के सूनी हो जाती हैं तो संसद आवारा हो जाती है। संजय सिंह वो नेता हैं जिन्होंने लोकतान्त्रिक इतिहास के सबसे काले समय मे भी ना तो सड़क ही सूनी होने दी ना ही सदन को आवारा होने दिया।

जब देशभर में केंद्र की सत्ताधारी पार्टी द्वारा पूर्ण बहुमत के अंहकार में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है तब लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के जंग के सबसे बड़े अलमबरदार के रूप मे संजय भैया ने अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

आज जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा द्वारा लोकतंत्र का अपहरण और संविधान चीरहरण किया रहा है ऐसे वक़्त मे संजय भैया लोकतंत्र और बाबा साहब के संविधान के रक्षा की आख़िरी उम्मीद मालूम होते हैं।

आज जब थोक के भाव मे विपक्षी पार्टी के तमाम बड़े नेताओं ने किसी ना किसी रूप में तानाशाह हुक्मरां के सामने समर्पण कर दिया तब भी हमारे नेता ने ना तो घुटने टेके और ना ही अंहकारी राजा को मुहतोड़ जवाब देना ही बंद किया।

संजय भैया के जुझारू तेवर ने ये सिद्ध कर दिया है कि तानाशाह सरकार नीचता के पाताल तक भी उतर जाए तब भी संजय भैया अपने उसूलों और सिद्धांतो के सातवें आसमान से एक इंच भी समझौता करने को तैयार नहीं हो सकते।

आज उत्तर प्रदेश के गाँव-गाँव गली-गली बच्चा-बच्चा संजय भैया के संघर्ष , साहस, और जुझारूपन को सलाम कर रहा है।

संजय भैया को पुनः राज्यसभा भेजकर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल जी ने ना सिर्फ मेरे जैसे लाखों संजय भैया के दीवानों पर एहसान किया है बल्कि देश के करोड़ों बेरोज़गार नौजवानों, बदहाल किसानों, ठगे जा रहे व्यापारियों, निराश सरकारी कर्मचारियों, हाशिये पर खड़ी महिलाओं, दलितों, पिछडो अल्पसंख्यकों और हर धर्म-जाति-क्षेत्र के वंचित-शोषित-पीड़ित तबके की आँखों को उम्मीद की रौशनी से रौशन कर दिया है।


Discover more from New India Times

Subscribe to get the latest posts to your email.

By nit

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading