काले पत्थर की गिट्टी उसपर स्प्रे-घेसूं फिर रोलर, फिल्मी सेट की तरह किए जा रहे हैं ग्रामीण सड़कों के काम, जामनेर ब्लॉक में सबसे खराब गुणवत्ता | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

काले पत्थर की गिट्टी उसपर स्प्रे-घेसूं फिर रोलर, फिल्मी सेट की तरह किए जा रहे हैं ग्रामीण सड़कों के काम, जामनेर ब्लॉक में सबसे खराब गुणवत्ता | New India Times

फोटो में दिख रहे बोर्ड को ध्यान से पढ़िए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मज़बूती करण कराई जामनेर कोदोली जिला परिषद की सड़क है। इस के काम-काज में इस्तेमाल किए गए गिट्टी मुरूम मिट्टी समेत तमाम खनिजों के पैमाने को ठेकेदार ने साफ साफ दर्शाया है। वर्क ऑर्डर और काम की गुणवत्ता को लेकर इतनी ईमानदारी शायद हि कही देखने को मिलेगी। मज़बूती करण का काम काफी हद तक अच्छा कराया गया है। कोदोली गांव के पास तीन साल पहले किसी स्थानीय ठेकेदार द्वारा बनाई सड़क उखड़ चुकी है। भागदारा तक सड़क जर्जर है, मोयगांव से टाकली जामनेर आने वाली सड़क का काम किसी फिल्मी सेट की तरह लाइट एक्शन कैमरा के फेम में निपटाया जा रहा है। ज़मीन की सतह को बिना खोदे काले पत्थर की पौना और एक इंच साइज की गिट्टी उसपर घेंसू फिर उसके ऊपर डामर का डार्क स्प्रे छिड़क कर रोड रोलर से जमकर दबाई बस बन गई सड़क। PWD और जिला परिषद निर्माण विभाग की ओर से महाराष्ट्र में सड़कों के करोड़ों रुपए के काम किए जा रहे हैं। भाजपा के नेताओं को विधानसभा से ज्यादा लोकसभा की चिंता है क्योंकि केंद्र में आएंगे तो प्रदेश में पैठ बनी रहेगी कोई पूछेगा वरना समय तो बड़ा बलवान है ही। ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे का जितना भी काम किया जा रहा है उसमें सड़के और पेय जल आपूर्ति योजनाओं पर अधिक फोकस किया गया है। सड़कों के बहाने सिस्टम किस प्रकार से पैसा बना रहा है इस का फार्मूला हमने आपको बताया इन सड़कों के मज़बूती की गारंटी को तय करने का अधिकार लोकायुक्त को स्वीकारना चाहिए। गांव देहातों में बन रही इन चाइना छाप सड़कों को लेकर किसी भी अखबार में कोई रिपोर्टिंग आप पाठकों को नहीं मिलेगी क्योंकि कार्यकर्ता कम पत्रकार कई ब्लॉक्स में ठेकेदारी करने लगे हैं। RTI प्रार्थी याचिकाओं से सारा भ्रष्टाचार बाहर लाना भैस के आगे बीन बजाना है। आम जनता को जागृत तर्क से स्वयं सतर्क हो कर अपने वोट से जिसकी लाठी उसकी भैंस के सबक को रेखांकित करना पड़ेगा।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article