छोटी उम्र, बड़ी सोच: 12 वर्षीय इमदात खान की रोजा और नमाज़ के प्रति गहरी आस्था | New India Times

निहाल चौधरी, इटवा/सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

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इटवा तहसील क्षेत्र के गांव सिसईं (महादेव घूरहू) का रहने वाला 12 वर्षीय बालक इमदात खान, पिता रमजान खान, अपनी कम उम्र में ही धार्मिक आस्था और अनुशासन की मिसाल बन गया है। इमदात खान पिछले तीन वर्षों से लगातार रमजान के पवित्र महीने में रोजा रख रहा है और नियमित रूप से पांच वक्त की नमाज़ भी अदा करता है।

बताया जाता है कि जब अधिकांश बच्चे इस उम्र में खेलकूद और पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं, वहीं इमदात खान कम उम्र में ही धर्म के प्रति गहरी निष्ठा दिखा रहा है। परिवार के लोगों के अनुसार इमदात ने लगभग 9 वर्ष की उम्र से रोजा रखना शुरू किया था, और तब से हर साल रमजान में पूरे उत्साह और लगन के साथ रोजा रखता आ रहा है।

इमदात खान न सिर्फ रोजा रखता है, बल्कि वह नियमित रूप से फज्र, ज़ुहर, असर, मगरिब और ईशा की पांचों नमाज़ भी अदा करता है। गांव के लोग भी इस छोटे बच्चे की धार्मिक लगन और अनुशासन की सराहना कर रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि इमदात को बचपन से ही धार्मिक माहौल मिला है, जिसकी वजह से उसमें नमाज़ और रोजे के प्रति विशेष लगाव पैदा हुआ है। रोजे के दौरान भी वह अपनी पढ़ाई और दैनिक कामों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाता है।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इमदात खान का रोजा रखना और नियमित इबादत करना अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का विषय है। ग्रामीणों ने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे आगे भी इसी तरह धर्म और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ने की दुआ दी है।

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