वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

एक बार फिर गन्ना किसानों को लेकर अजबापुर चीनी मील सुर्खियों में आती नज़र आ रही है, गन्ना किसानों के हित में लगी मील ही अब किसानों का शोषण करने में जुटी नज़र आ रही है। जिसे लेकर क्षेत्रीय गन्ना किसानों में चीनी मील को लेकर काफी आक्रोश नज़र आ रहा है।
मिली विधिवत जानकारी के अनुसार अजबापुर चीनी मील प्रशासन सामान्य गन्ने की ही पर्चियां किसानों की जारी कर रही है जिसके चलते किसानों का अर्ली का गन्ना नहीं तौल पा रहा या तौल रहा है तो अर्ली के दाम से कम दामों में जिसके चलते किसानों का लगातार शोषण हो रहा है। वहीं किसानों का आरोप है कि अर्ली गन्ना किसानों का जा रहा है जिसमें सामान्य गन्ने की पर्चियां को अर्जेस्ट की जा रही हैं, जिससे किसानों का सामान्य गन्ना फैक्ट्री में ना पड़ पाए या पड़े तो अर्जेस्ट कर दिया जाता है जिसके चलते गन्ना किसानों को पूर्ण दाम भी नहीं मिल पाता है।
किसानों के अनुसार यह समिति और फैक्ट्री की मिली भगत से हो रहा है। किसानों का सामान्य गन्ना खड़ा है, जिसकी अभी तक सामान्य पर्ची नहीं निकाली गई है। वहीं इससे किसान बहुत परेशान हैं, अर्ली गन्ना पड़ रहा है सामान्य पर्ची एडजस्टमेंट में काट लेते हैं। किसानों के लिए एक बड़ी समस्या पैदा होगी कि सामान्य गन्ना किसान कहां ले जाएगा। इन सब बातों के मद्देनज़र यह बात सामने आ रही है कि मील प्रशासन किसानों का लगातार शोषण करती नजर आ रही है, जिन किसानों के बिना मील का कोई अस्थित्व नहीं उसी का शोषण कर रही है अजबापुर चीनी मील। वहीं किसान अगर एकजुट होकर सामने आते हैं तो कहीं न कहीं मील प्रशासन सकते में आकर किसानों के हित की बातें करता है पर फिलहाल मील प्रशासन के इस तरह पर्ची वितरण के अड़ियल रवैये से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

