नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

PWD की ओर से पहुर पाचोरा राजमार्ग नंबर 19 को लेकर एक अजीब प्रयोग किया जा रहा है। एकतरफ इस सड़क को फोरलेन बनाया जा रहा है और दूसरी तरफ इसकी मरम्मत भी की जा रही है। अब जब सारी सड़क नई बनानी है तो पुरानी सड़क के मरम्मत कार्य पर लाखों का बिल डालने की क्या आवश्यकता है ? इस सारे पचड़े के पहले इस सड़क के रखरखाव पर बीते तीस साल में करीब दस करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। सड़क विस्तार के लिए पहुर में अतिक्रमण धारकों द्वारा स्वयं अपने अपने अतिक्रमण निकाले जा रहे हैं। यहां प्रशासन को बल प्रयोग की कोई जरूरत नहीं पड़ी। इसके विपरीत जामनेर शहर में नगर परिषद प्रशासन होकर्स जोन देने के बजाय वाकी रोड के ठेला वालों के पीछे पड़ गया है। कुछ दिन पहले अतिक्रमित स्टैंप वेंडर टीन मार्केट को हटाया गया उसके बाद से सरकारी बुलडोजर को दहशत मचाने के तौर पर कहीं भी संचालित कराया जा रहा है। आखिर ऐसा किस के इशारे पर क्यों किया जा रहा है? पता नहीं। नगर परिषद प्रशासक की ओर से जिस नेता को खुश करने की कोशिश हो रही है उस नेता की चौखट से गुरबत के मारो ने नेता के प्रति अपनी श्रद्धा को विसर्जित कर के अपना मुंह फेर लिया है।

डिविजन ऑफिस में घमासान – कुछ दिन पहले B&C के डिविजन ऑफिस मे टेंडर प्रोसेसिंग को लेकर ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच घमासान का मामला लीक हुआ था। मामला पुलिस के रेकॉर्ड पर नहीं आने दिया गया। इस फसाद की जड़ PWD का वह अधिकारी बताया गया जो सत्ता में बैठे मंत्री जी का आशीष पा कर गैर कानूनी तरीके से कुर्सी पर जमा बैठा है। इस बड़के अधिकारी की विवादित नियुक्ति को लेकर जनप्रतिधियों ने राज्य की विधानसभा सदन में कई सवाल भी पूछे हैं शिकायते कर रखी है। PWD के फंड से जलगांव शहर में निर्माणाधीन सड़कों के काम में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर NIT ने हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसके बाद विपक्ष सत्तापक्ष पर अधिक हमलावर हो गया है। वर्तमान शीत सत्र में PWD विपक्ष के निशाने पर रहेगा इसमें कोई संदेह नहीं है।
