चेतावनी के बाद जनता में भागदौड़, आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आंके जा रहे हैं प्रति व्यक्ति 100 रुपए, DM की ओर से मुफ़्त कार्ड देने कि मांग | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बनवाने पर लाभ धारक को राशन वितरण के अपडेट सिस्टम में शामिल किया जाएगा अन्यथा उसके राशन वितरण में दिक्कतें आ सकती है प्रशासन की ओर से इस प्रकार के आवाहन के बाद आम नागरिकों में आयुष्मान का कार्ड बनवाने की होड़ मच गई है। TMO की सोशल मीडिया प्रेस रिलीज को कोट करते हुए New India Times ने 27 अक्टूबर को इस मामले से संबंधित खबर प्रकाशित की थी। जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 की अनिवार्यता के विपरीत कार्ड नहीं बनवाने पर राशन बंद होने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर कटाक्ष किया। आज पूरे जिले में निजी सायबर संस्थाएं आयुष्मान के कार्ड बनवाने के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपया ले रही है। एक गरीब परिवार में अगर पांच लोग है तो उसे 500 रूपयों की चोट लग रही है वैसे वो परिवार मजदूरी से प्रति दिन उतना पैसा कमाता भी नहीं है क्योंकि दस साल में बीस करोड़ रोजगार का लाभ उसको मिला हि नहीं। विदित हो कि खाद्य सुरक्षा कानून (Food security Act) 2013 के अंतर्गत बनाई गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना दिसंबर 2023 तक चलाई जानी है किसी भी लाभ धारक के राशन वितरण को तुकबंदी के आधार पर गैर कानूनी तरीके से बंद नहीं किया जा सकता।

DM करवाए व्यवस्था – महाराष्ट्र सरकार की ओर से शुरू महात्मा फूले जन आरोग्य योजना का लाभ राशन कार्ड से जुड़ा है। आयुष्मान की तुलना में महात्मा फूले जन आरोग्य योजना काफ़ी लोकप्रिय और लाभदायक है। आम लोग चाहते हैं कि जिलाधीश द्वारा आयुष्मान कार्ड मुफ़्त में बनवाकर देने की व्यवस्था की जाए। टी वी के गोदी मिडिया में बदलने के कारण न्यूज़ चैनलों से दूरी बना चुके मतदाताओ तक पहुंचने के लिए केंद्र सरकार आयुष्मान योजना को नरेन्द्र मोदी और भाजपा के प्रचार का हथियार बना रही है। परिवारवाद, भ्रष्टाचार, राष्ट्रवाद के मुद्दों पर विपक्ष को घेरने वाले विश्वगुरु की सरकार Comptroller and Auditor General of India ( CAG ) की रिपोर्ट पर चुप है। CAG की रिपोर्ट ने आयुष्मान के घोटाले को संसद के सामने रखा जिसमें बताया गया कि 99 99 99 99 99 इस एक हि नंबर से 7 लाख 50 हजार फर्जी लोगों को रजिस्टर्ड कराया गया और उनके इलाज के नाम पर हजारों करोड़ का घोटाला किया गया।


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By nit

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