बेरोजगारी के दौर में सब्जियों पर महंगाई की मार से घरों की रसोई का बजट हुआ डामाडोल | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया: महंगाई के चलते आम जनता और मध्यवर्गीय परिवारों को साजो सामान के लिए रोटी मिल पाना अब संभव नहीं है। वैसे ही क्षेत्र में बेरोजगारी की मार चरम सीमा लांघ दी है। तो वही महंगाई ने भी जनता की जेब खाली करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। आए दिन हरी सब्जियों के दामों में इजाफा होने से लोग हरी सब्जी भी नहीं खा पा रहे हैं। आज बाजार में जब पत्रकारों ने निरीक्षण कर फुटकर विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण कर सब्जियों के दाम की जानकारी ली।

सब्जियों के दाम प्रति किलो
चने की भाजी 200
लेहसुन-160
हरा मटर 120
अदरक 120
सैमी 80
मेंथी भाजी-60
शिमला मिर्च 60
करेला-50
प्याज-60
फर्रास-50
गाजर-50
फूल गोभी-40
भिंडी-40
बरबटी-40
ग्रामीण क्षेत्रों से किसान हरी सब्जियां उगाते हैं और जब सब्जियां तैयार हो जाती तो उसे मंडी में बेचने लाते हैं वही छोटे कृषकों द्वारा हाट बाजारों में सब्जी विक्रय कर मुनाफा कमाते हैं।


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