विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद ग्वालियर पुलिस ने संपत्ति विरूपण की उन्नीस एफआईआर की दर्ज | New India Times

पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लगने के बाद निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ग्वालियर पुलिस द्वारा संपत्ति विरूपण की ताबड़तोड़ कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री राजेश सिंह चंदेल, भापुसे द्वारा दिये गये निर्देशों के तारतम्य में अति. पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व/अपराध/यातायात) श्री ऋषिकेश मीना,भापुसे, अति. पुलिस अधीक्षक शहर(मध्य) श्री अखिलेश रैनवाल, अति. पुलिस अधीक्षक शहर(पश्चिम) श्री गजेन्द्र सिंह वर्धमान, अति. पुलिस अधीक्षक शहर(उत्तर) श्री अमृत मीना, अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री निरंजन शर्मा द्वारा अपने अधीनस्थ थाना प्रभारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देश के परिपालन में संपत्ति विरूपण की प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारियों द्वारा संपत्ति विरूपण के तहत प्रभावी कार्यवाही की गई है। पुलिस ने उन लोगों की घेराबंदी की है, जिनके द्वारा पोस्टर या होर्डिंग शासकीय संपत्ति पर लगाए गये थे, उनके संबंध में जानकारी जुटाकर पुलिस ने उनके मालिकों पर संपत्ति विरूपण की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस द्वारा अभियान चलाकर इलाके में शासकीय संपत्तियों व बिजली के खम्बों पर विज्ञापन हेतु लगाए गये पोस्टर एवं होर्डिंग को हटाने की कार्यवाही की गई। इस दौरान पुलिस को ऐसे पोस्टर व होर्डिंग के बारे में जानकारी मिली, जो विज्ञापन कर रहे थे और उनके द्वारा शासकीय संपत्ति पर आर्थिक लाभ एवं प्रचार करने हेतु अवैध रूप से बोर्ड या बैनर लगाए गए थे। इस पर ग्वालियर पुलिस ने अभियान चलाकर दिनांक 17.10.2023 को शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संपत्ति विरूपण की धाराओं में कुल 19 एफआइआर दर्ज कर कार्यवाही की गई। पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में थाना मुरार में-04, थाटीपुर-03, गोला का मन्दिर-02, हजीरा-02, विश्वविद्यालय-02, झांसीरोड-02 गिरवाई-02 तथा थाना बहोड़ापुर एवं पड़ाव में 01-01 कुल 19 एफआईआर संपत्ति विरूपण की धाराओं में दर्ज कर कार्यवाही की गई है। ग्वालियर पुलिस की उक्त कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

विधानसभा निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिये शासकीय/अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाते हैं तथा विद्युत एवं टेलीफोन के खंभों पर चुनाव प्रचार से संबंधित झंडिया लगाई जाती है, तो उनके खिलाफ संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम धारा के तहत निर्देशित किया है कि कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खड़िया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह दंडनीय होगा।


Discover more from New India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By nit

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading