सीकर जिले में विधानसभा चुनाव में जेजेपी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने में कामयाब हो पायेगी? | New India Times

अशफ़ाक़ क़ायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

करीब चौंतीस साल पहले तत्तकालीन समय के किसान नेता रहे चौधरी देवीलाल के सीकर से सांसद चुने जाने को आज का चालीस साल तक का नोजवान इतिहास के पन्नों में देखता है। मरहूम चौधरी देवीलाल जी की मूल पार्टी से अलग होकर उनके एक बेटे व पोतो ने मिलकर जननायक जनता पार्टी बनाकर हरियाणा मे भाजपा से मिलकर सरकार में हिस्सेदारी लेने के बाद अब राजस्थान विधानसभा चुनाव में खासतौर पर सीकर जिले में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की कोशिश कर रहे है। कांग्रेस के दिग्गज परिवार चौधरी नारायण सिंह व महरिया परिवार के घोषित राजनीतिक वारिस विधायक वीरेन्द्र सिंह व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया का कांग्रेस व भाजपा मे दूसरा शानी नहीं हो सकता है।

कांग्रेस में चौधरी नारायण सिंह के राजनीतिक वारिस वीरेन्द्र सिंह दांतारामगढ़ से विधायक हैं। एवं महरिया परिवार के राजनीतिक वारिस सुभाष महरिया सीकर से तीन दफा सांसद व केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में सुभाष महरिया लक्ष्मनगढ से भाजपा के उम्मीदवार घोषित होकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। जबकि वीरेंद्र सिंह की दांतारामगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार बनने की पूरी सम्भावना जताई जा रही है।

हालांकि राजनीतिक हलकों मे चर्चा है कि जेजेपी नेताओं का असल निशाना 2024 का सीकर से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिये जमीन तैयार करना है। उसी के तहत चौधरी नारायण सिंह व महरिया परिवार के कांग्रेस-भाजपा में स्थापित होने के बावजूद उन दोनो परिवारों से एक एक सदस्य को साथ लेकर फतेहपुर से नंदकिशोर महरिया व दांतारामगढ़ से रीटा सिंह को उम्मीदवार बना कर चुनाव लड़ने वाले है।

महरिया परिवार के राजनीतिक वारिस सुभाष महरिया को भाजपा द्वारा लक्ष्मनगढ से प्रत्याशी घोषित करने के बाद उनके छोटे भाई नंदकिशोर महरिया को फतेहपुर व कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र सिंह की पत्नी रीटा सिंह को जेजेपी दांतारामगढ़ से चुनाव लड़वाने जा रही है। नंदकिशोर महरिया फतेहपुर से निर्दलीय विधायक व रीटा सिंह जिला प्रमुख रह चुकी है। जेजेपी नेता व हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सहित अनेक नेता जिले मे प्रचार करने लगे है। फतेहपुर से भाजपा जाट जाति से श्रवण चोधरी को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। वही जेजेपी उम्मीदवार नंदकिशोर जाट जाति से एक अन्य जाट जाति के नेता महिपाल महला ने भी फतेहपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। जबकि दांतारामगढ़ से भाजपा ने कुमावत जाति के गजानंद को उम्मीदवार घोषित किया है।

फतेहपुर में कांग्रेस के सम्भावित उम्मीदवार व वर्तमान विधायक हाकम अली के विरोध पक्ष से श्रवण चोधरी, महिपाल व नंदकिशोर के चुनाव लड़ने से कांग्रेस को फायदा पहुंचेगा। वही अगर भाजपा के बागी मधुसूदन भिण्डा भी चुनाव लड़ते है तो मुकाबला रोचक हो सकता है। वही दांतारामगढ़ से रीटा सिंह काफी कमजोर उम्मीदवार साबित होगी। जेजेपी मे खण्डेला के पूर्व प्रधान रहे हनुमान सिंह आर्य के बेटे सरदार सिंह आर्य को पार्टी में शामिल करके वहां से जेजेपी के उम्मीदवार के तौर पर हरी झंडी दी बताते है।

कुल मिलाकर यह है कि जेजेपी सीकर जिले के दो किसान बिरादरी के महरिया व चौधरी नारायण सिंह जैसे दिग्गज परिवार व पूर्व प्रधान हनुमान सिंह के परिवार से उम्मीदवार जरूर बना रही है। लेकिन महरिया परिवार के राजनीतिक वारिस सुभाष महरिया जिला व राज्य स्तर पर स्थापित हो चुके है। दुसरी तरफ चोधरी नारायण सिंह ने अपना राजनीतिक वारिस पूत्र वीरेन्द्र सिंह को बनाकर 2018 का विधानसभा चुनाव लड़वा कर विधायक बना दिया है। वीरेंद्र सिंह की क्षेत्र मे साफ-सुथरी व जनप्रिय नेता की है। वर्तमान मे चौधरी नारायण सिंह भी राजनीति में विधायक पूत्र केसाथ सक्रिय है।


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