पश्चिम निमाड़ का प्रथम विश्व विद्यालय अभ्युदय का हुआ "आरम्भ" | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

अभ्युदय विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव लुकमान मसूद ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिनों बड़े हर्ष उल्लास के साथ अभ्युदय विश्वविद्यालय की इंडक्शन सेरेमनी आरंभ का आयोजन हुआ।

इस आरंभ के साथ सभी संकायों के लगभग 1000 छात्र छात्राओं ने शिरकत कर अपने आप को विश्वविद्यालय परिवार से जुड़ कर गौरवान्वित महसूस किया। रेंनेसा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट -इंदौर ने,न केवल खरगोन अपितु सम्पूर्ण निमाड़ को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हेतु एक बहुत ही खूबसूरत सौगात “अभ्युदय विश्वविद्यालय” के रूप में दी है और पश्चिम निमाड़ का प्रथम विश्वविद्यालय स्थापित करने का एक नया इतिहास रच दिया। विद्यार्थियों के इंडक्शन समारोह के “आरंभ” कार्यक्रम का आगाज़ सरस्वती वंदना से हुआ।

इस अवसर पर रेनेसा एवं अभ्युदय समूह के संस्थापक मार्गदर्शक श्री स्वप्निल कोठारी, कुलाधिपति श्री महेंद्र शर्मा, कुलपति डॉ प्रमोद शर्मा एवं कुलसचिव डॉ.विक्रम सिंह परमार उपस्थित थे। विधार्थियों से रूबरू होते हुए श्री कोठारी ने अपने उद्धबोदन में कहा: यदि आप में प्रतिभा है, यदि आप में दृढ़ संकल्प है, यदि आप में पुरुषार्थ है, तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। श्री कोठारी जी ने भारत मे नोबेल पुरुस्कार “एस्ट्रोफिजीशियन” सर चंद्रशेखर का किस्सा सुनाकर बच्चों को सफलता के पथ पर लगातार चलते रहने हेतु प्रेरित किया।

श्री कोठारी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि निमाड़ के विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय में महानगरीय स्तर की समस्त सुविधाएं उपलब्ध है और विश्वविद्यालय परिवार विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माण में अपना शत प्रतिशत योगदान देने हेतु प्रतिबद्ध है। बस आवश्यकता है तो विद्यार्थियों के दृढ़ संकल्प की। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी।


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