नाबालिग बालक का अपहरण करने वाले आरोपी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 ₹ के अर्थदंड से किया गया दंडित | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

नाबालिग बालक का अपहरण करने वाले आरोपी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 ₹ के अर्थदंड से किया गया दंडित | New India Times

विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने नाबालिग बालक को कबूतर दिलाने के बहाने अपहरण करने वाले आरोपी मो. लियाकत को धारा 363 भादवि में 03 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹ एक हज़ार के अर्थदंड से दंडित किया है।
उक्त प्रकरण की विस्तृत जानकारी देते हुए बुरहानपुर अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी श्री रामलाल रन्धावे ने बताया कि दिनांक 09-09-2022 को बालक के पिता ने थाना खकनार पर रिपोर्ट लिखाई थी कि करीब शाम 4:30 बजे उसका 07 वर्षीय बालक को गांव के लियाकत ने बहला फुसला कर ले गया है। रिपोर्ट पंजीबद्ध करने के बाद थाना खकनार द्वारा अभियुक्त लियाकत के कब्जे से पीड़ित बालक को पुलिस ने सागर से दस्तयाब की।

पीड़ित बालक ने पूछताछ में बताया कि घटना वाले दिन 04:00 बजे वह अपने घर के बाहर दोस्तों के साथ खेल रहा था तभी गांव का लियाकत उसके पास आया और कहने लगा कि चल तुझे कबूतर दिलवाकर लाता हूं और उसे गोद में उठाकर घर से पीछे की तरफ ले गया। थोड़ी दूर एक खेत में बने टपरें पर ले गया, वहां एक बाई मिली थी और बोली की भैया आएगा तब कबूतर दूंगी। उसके बाद लियाकत उसे नाले के पार एक खेत में ले गया और गोद से उतार दिया वहां गन्ना खाया और उसे जंगल में लेकर गया वहां से रास्ता भटक गए। चलते चलते एक पहाड़ी पर ऊपर लेकर गया। वहां लियाकत बोला कि चिल्लाया तो नीचे फेक दूंगा। उसके बाद चलने पर एक साफ रोड़ आ गया वहां से एक खेत पर एक टपरी पर एक भैया मिला जो बोला कि क्या करने आए हो। हमने बोला कि पानी बंद होने पर चले जाएंगे। थोड़ी देर बाद लियाकत उसे वहां से ले जाने लगा। तेज़ पानी आये तो एक पीपल के पेड़ के नीचे सो गए थे। रात में लियाकत बार बार बालक के साथ अश्लील हरकत कर रहा था। सुबह उठकर जंगल से रोड़ पर आ गए। तभी एक मोटर साइकिल मिली जिस पर दोनों बैठकर रेलवे स्टेशन नेपानगर आ गए। स्टेशन पर बालक का फूफा दिखा तो लियाकत ने उसे छुपा दिया। खुद भी छुप गया और लियाकत कहने लगा कि उठकर देखा तो पत्थर से जान से मार दूंगा और सिर पर मुक्का मार दिया जिससे बालक को बहुत दर्द हुआ।

इसके बाद लियाकत बालक को ट्रेन में बिठाकर ले गया। वहां वे दोनों घूम रहे थे तो पुलिस वाले उन्हें थाने पर लेकर गए थे। जहां पर थाना खकनार के पुलिस वाले और बालक के परिवार के लोग आए थे उन्हें थाना खकनार लेकर आए थे। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस प्रकरण में शासन की ओर से सफलतापूर्वक पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी श्री रामलाल रंधावे ने की। विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सों एक्ट ने नाबालिक बालक को कबूत्तर दिलाने के बहाने अपहरण करने वाले आरेापी मो. लियाकत को धारा 363 भादवि में 03 वर्ष का कठोर कारावास तथा 1000 रू के अर्थदंड से दंडित किया।


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