अविनाश द्विवेदी, भिंड ( मप्र ), NIT;
भिण्ड जिले में आजकल बड़ा अजीब सा माहौल देखने को मिल रहा है। रेत को लेकर आये दिन कहीं रिकॉर्डिंग वायरल होती हैं तो कहीं कोई ना कोई लिप्त पाया जाता है। इन सबके बीच रेत माफ़िया भी खूब फलफूल रहे हैं। ऐसे में अगर रेत माफ़ियाओं के मनमाफ़िक काम ना किया जाए तो कहीं से भी कुछ भी बेहद घटियापन के साथ जुगाड़ करके मीडिया के सामने परोस दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें एक ट्रांसपोर्टर लहार थाना प्रभारी रामबाबू यादव को निशाना बना रहा है और उनके बारे में ये प्रचारित कर रहा है कि ये आईजी चम्बल उमेश जोगा के लिये काम करते हैं, अब एक बात बताइए, दुनियाँ में ऐसा कौन सा निकाय है जहां लोग सीनियर्स के नीचे काम नहीं करते। अब आईजी के लिये काम नहीं करेंगे तो क्या चपरासी के नीचे काम करेंगे? दूसरी बात यह कि अभी दो वीडियो भी वायरल किये गये हैं, जिसमें दो अलग अलग आरक्षकों को पैसे लेते हुए दिखाया गया है और उक्त लोगों के द्वारा बताया ये जा रहा है कि ये वसूली लहार में रामबाबू यादव करवा रहे हैं। लेकिन आज के युग मे मूर्ख बड़ी मुश्किल से मिलते हैं जो ये बनाने की नापाक कोशिश कर रहे हैं।
उक्त वीडियो में से एक वीडियो रौन थाना क्षेत्र का है तो दूसरा फूफ थाना क्षेत्र के बरही का। अब इनको लहार का बनाकर पेश करना इन माफ़ियाओं की बुलन्दगी दिखाता है कि ये कितने निरंकुश और बेखौफ होते जा रहे हैं। गुप्त सूत्रों से ये भी पता चला है कि इस साजिश के पीछे भिण्ड पुलिस से बर्खास्त एक टीआई का हाथ है क्योंकि उससे संबंधित मामले में रामबाबू यादव गवाह हैं, इसलिए उन पर दवाब बनाने के लिये रौन थाने के अपने बीते कार्यकाल के दौरान पाले हुए इन माफ़ियाओं से ये सब करवाया जा रहा है।
इस विषय पर जब थाना प्रभारी लहार रामबाबू यादव से बात की गई तो उन्होंने NIT संवाददाता से स्पष्ट कहा कि इन अपराधियों के झाँसे अब नहीं चलने वाले, और न हीं इनकी दाल गलने वाली है। कहीं की रिकॉर्डिंग कहीं से जोड़कर पेश की गई है,जोकि गैरकानूनी है। उक्त मामले में श्रीमान आईजी चम्बल के नाम को घसीटकर इन माफ़ियाओं ने अपनी तस्वीर खुद ही साफ कर दी है। रेत पर पूरी तरह अंकुश लगा हुआ है, इसी वजह से कुछ नापाक लोगों की आड़ में मुझ पर दवाब बनाया जा रहा है लेकिन रामबाबू यादव ने आज तक किसी के दवाब में काम नहीं किया है। उक्त लोगों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
